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‘ये सब होते रहता है’, फटे कुर्ते में फॉर्म हाउस से बाहर निकले दिग्विजय सिंह ने जब दिया था जवाब

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भोपाल

एमपी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस में विवाद है। कुछ दिन पहले शिवपुरी से टिकट के दावेदार वीरेंद्र रघुवंशी के समर्थकों ने पूर्व सीएम कमलनाथ को घेर लिया था। इस पर उन्होंने कहा था कि आप दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के जाकर कपड़े फाड़ो। इस पर दोनों में मनभेद की स्थिति को लेकर चर्चा होने लगी थी। साथ ही 23 साल पुरानी उस घटना की चर्चा भी हो रही है, जब सच में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय सिंह के कुर्ते फाड़ दिए थे। उस समय वह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे। कुर्ता फाड़ने की यह घटना छत्तीसगढ़ में घटी थी।

दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद कांग्रेस नेताओं में सीएम बनने की होड़ लगी थी। अविभाजित मध्यप्रदेश के सीएम दिग्विजय सिंह थे। दिग्विजय सिंह का कद उस समय बड़ा था। उनकी चाहत थी कि उनकी पसंद का सीएम ही बने। क्षेत्रीय समीकरण की वजह से दिग्विजय सिंह का दांव असफल हो गया है। अपने कलेजे पर पत्थर रखकर न चाहते हुए भी अजीत जोगी की ताजपोशी करवाई। इसके बाद विद्याचरण शुक्ल भड़क गए। साथ ही उनके समर्थकों का भी गुस्से पर कंट्रोल नहीं रहा।

गुस्से से लाल विद्याचरण शुक्ल भड़क कर अपने फॉर्म पर चले गए। वहां उनके समर्थकों का भारी जमावड़ा था। इसके बाद दिल्ली से पर्यवेक्षक गुलाम नबी आजाद और प्रभा राव के साथ एमपी के तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह उनसे मिलने पहुंचे। तीनों को देखकर विद्याचरण शुक्ल के समर्थक और आक्रोशित हो गए। साथ ही उनके साथ झूमाझटकी शुरू कर दी है।

बड़े नेताओं के साथ ऐसे व्यवहार को देखकर उनके सुरक्षाकर्मियों के पसीने छूट रहे थे। तीनों नेताओं को देखकर विद्याचरण शुक्ल के समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों नेता अंदर गए। विद्याचरण शुक्ल फॉर्म हाउस में ही मौजूद थे। वहीं, तीनों नेता जब थोड़ी देर बाद फॉर्म हाउस के बाहर निकले तो दिग्विजय सिंह के कुर्ते का एक हिस्सा फटा हुआ था लेकिन इसे वह तूल नहीं देना चाहते।

कैमरे से कुर्ते का फटा हुआ हिस्सा बच नहीं पाया। ऐसे में पत्रकारों ने उनसे इसे लेकर सवाल किया तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजनीति में ये सब चलते रहता है। यह घटना 31 अक्टूबर 2000 की है। इसके साथ ही सारी चीजों का पटाक्षेप हो गया और मामले ने तूल नहीं पकड़ा। एक नवंबर 2000 को अजीत योगी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।गौरतलब है कि कमलनाथ ने जब एमपी में दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़ने के लिए कहे तो दोनों के बीच आमने-सामने भी संवाद हुआ था। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कमलनाथ से कहा था कि कुर्ते उनके फटने चाहिए, जिनकी गलती है।

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