अहमदाबाद
भारत 2011 में विश्व विजेता बना था। भारतीय टीम महीनों जश्न में डूबी हुई थी। कप्तान एमएस धोनी, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, सहवाग… हर कोई ट्रॉफी को चूमते दिख रहा था। लियोनेल मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप का खिताब जीता तो वह रातभर ट्रॉफी को सीने में लगाए सोते रहे। यह होता है ट्रॉफी का सम्मान, जिसके लिए आप कुछ भी कर गुजरने को तैयार होते हैं। इसी ट्रॉफी से आपकी महानता आंकी जाती है। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मिचेल मार्श हैं। वह दोनों पैर वर्ल्ड कप ट्रॉफी के ऊपर रखे हुए हैं और हाथ में जाम है।
फोटो को सबसे पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। इसके बाद यह तस्वीर जंगल की आग की तरह वायरल हो गई है। लोग मार्श की इस हरकत से को विश्व कप ट्रॉफी का ‘अपमानजनक’ बता रहे हैं। यह तस्वीर ऑस्ट्रेलिया द्वारा विश्व कप ट्रॉफी जीतने के कुछ घंटों बाद साझा की गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने रविवार यानी 19 नवंबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मेजबान भारत के खिलाफ मैच खेला।
यह तस्वीर होटल के कमरे की प्रतीत होती है, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम आराम से बैठकर एक-दूसरे से बातचीत कर रही थी। अपना पदक दिखाते समय मार्श ने अपने दोनों पैर ट्रॉफी के ऊपर रखे हुए थे। तस्वीर के वायरल होते ही लोगों ने उन्हें ट्रॉफी के प्रति ‘अपमानजनक’ होने के लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया। दूसरी ओर, मैच से ठीक पहले रोहित शर्मा ने अपने बयान में कहा था कि वह इस ट्रॉफी को चूमना चाहते हैं। इससे समझा जा सकता है कि भारतीय टीम का इस ट्रॉफी के लिए कितना सम्मान है।
वहीं, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इसे जीता है तो वह पैरों तले रौंद रही है। यह उनके घमंड और दंभ को दर्शाता है। माफ करना मार्श आप कितने भी शिखर पर क्यों न हों… यह विश्व कप ट्रॉफी हमेशा के लिए आपकी नहीं होगी। कल भी कोई आएगा और इसे छीन ले जाएगा। हो सकता है आप उस वक्त हारने वाले साइड हो तब आपको पता चलेगा, अहसास होगा कि इस ट्रॉफी की कीमत क्या है…।
