माले
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद भारत से संबंध तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच पीएम मोदी ने सीधे तौर पर मालदीव को एक कड़ा संदेश दिया है। पीएम मोदी नए साल की शुरुआत में लक्षद्वीप पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में लक्षद्वीप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा पीएम मोदी लक्षद्वीप के समुद्री तट पर भी घूमते दिखे। उनकी इस तस्वीर से मालदीव की टेंशन बढ़ने लगी है। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि पीएम मोदी ने टूरिस्ट को मालदीव से डायवर्ट करने के लिए ऐसा किया है।
दरअसल मालदीव की पूरी अर्थव्यवस्था मछली पालन और पर्यटन पर निर्भर है। भारत से सबसे ज्यादा पर्यटक मालदीव जाते हैं। 2020 में जब कोरोना था, तब भी इनका टूरिज्म में योगदान 11 फीसदी था। ट्रैवेल ट्रेड मालदीव की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में भी भारतीय टूरिस्ट नंबर एक पर रहे। यहां 240,000 भारतीय टूरिस्ट पहुंचे, जिनका मार्केट शेयर 14 फीसदी रहा। दूसरे नंबर पर रूस, तीसरे पर यूके, इसके बाद जर्मनी, इटली, यूएस, फ्रांस, स्पेन, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड के टूरिस्ट की सबसे ज्यादा संख्या रही। 2023 में भी भारतीय टूरिस्ट सबसे ज्यादा पहुंचे।
चीन के बल पर उछल रहे मुइज्जू
भारत विरोध के बाद अब लगातार मालदीव के बायकॉट की बात सोशल मीडिया पर की जा रही है। मालदीव और भारत की जनता एक्स पर भिड़ी हुई है। इस बीच मालदीव के कई लोग कह रहे हैं कि उन्हें भारतीय टूरिस्ट नहीं चाहिए। ऐसे में सवाल उठता है कि मालदीव को क्या इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। दरअसल मालदीव में चीनी टूरिस्ट तेजी से बढ़ गए है। चीन के टूरिस्ट संख्या के हिसाब से 2022 की लिस्ट में 27वें नंबर पर थे। 2023 में अचानक उनकी संख्या में उछाल देखा गया है। अब यह सीधे तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। भारत और रूस का मार्केट शेयर मालदीव के टूरिज्म में 11.1 फीसदी है तो वहीं चीन 10 फीसदी पर पहुंच गया है। चीन यूके को पीछे कर संख्या के लिहाज से तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।
As of December 2023, India held the top position as the primary source of tourists for the Maldives, with 209,198 visitors, while Russians constituted the second-largest group exploring the country. pic.twitter.com/XAUAcQf18v
— Sidhant Sibal (@sidhant) January 6, 2024
भारत का दांव मालदीव को पड़ेगा भारी
पीएम मोदी ने लक्षद्वीप से जुड़ी अपनी तस्वीरें शेयर की हैं, जिसे दुनिया भर में भारतीय उच्चायोगों और दूतावासों की ओर से रीट्वीट किया गया। पीएम मोदी की इन तस्वीरों से बहुत से देशों में भारत के द्वीपों की पर्यटन क्षमता के बारे में पता चला है। भारत के साथ ही दूसरे देशों के टूरिस्ट जो मालदीव जा रहे हैं, उन्हें लक्षद्वीप के लिए डायवर्ट किया जा सकता है। लक्षद्वीप अभी टूरिस्ट से बेहद अछूता है। अगर वह इन्हें अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा तो मालदीव को बड़ी समस्या होगी।
