नई दिल्ली
भारत की इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ ही लोगों की जेब में पैसा आ रहा है। देश में हवाई सफर करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए भारत की एयरलाइन कंपनियां तेजी से अपना विस्तार कर रही हैं। पिछले साल यानी 2023 में विमान खरीदने के मामले में भारतीय कंपनियों ने रेकॉर्ड बना दिया। विमान बनाने वाली कंपनियों बोइंग और एयरबस के आंकड़ों के मुताबिक भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने पिछले साल जून में एयरबस को 500 विमानों का ऑर्डर दिया था जो एविएशन के अब तक के इतिहास में सबसे बड़ा ऑर्डर है। इन विमानों की डिलीवरी साल 2030 से 2035 के बीच होगी। टाटा ग्रुप का हिस्सा बन चुकी एयर इंडिया ने भी फरवरी में 470 विमानों का ऑर्डर दिया था।
साल 2023 में इंडिगो और एयर इंडिया ने कुल 970 विमानों का ऑर्डर दिया। दूर-दूर तक कोई भी भारतीय कंपनियों के टक्कर में नहीं है। अमेरिका की एयरलाइन कंपनी साउथवेस्ट एयरलाइन पिछले साल विमानों का ऑर्डर देने के मामले में तीसरे नंबर पर रही। उसने 156 विमानों को खरीदने का ऑर्डर दिया। अमेरिका की एक और एयरलाइन यूनाइटेड एयरलाइन ने 110 विमानों को खरीदने के लिए डील की। यानी अमेरिकी का दो बड़ी कंपनियों ने पिछले साल कुल मिलाकर 266 विमानों का ऑर्डर दिया। इसी तरह एमिरेट्स ने 156 विमानों को खरीदने का ऑर्डर दिया।
किस-किस कंपनी ने दिए है ऑर्डर
दुनिया की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में शामिल आयरलैंड की Ryanair ने 150 विमानों को खरीदने की डील की तो हंगरी कि Wizz Air ने 75 एयरक्राफ्ट खरीदने का ऑर्डर दिया। इसी तरह कतर एयरवेज ने पिछले साल 73, तुर्की की सन एक्सप्रेस ने 45, आयरलैंड की Avolon ने 40, सऊदी अरब की रियाद एयर ने 39 और सऊदिया ने 39, तुर्की की पेगासस ने 36, हॉन्ग कॉन्ग की कैथे पैसिफिक ने 32, सऊदी अरब की Flynas ने 30, फ्लाईदुबई ने 30 और लात्विया की एयरबाल्टिक ने 30 विमानों का ऑर्डर दिया।
