4.7 C
London
Monday, May 11, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयईरान ने 'मोसाद' एजेंट को फांसी पर लटकाया, क्या तेहरान में फेल...

ईरान ने ‘मोसाद’ एजेंट को फांसी पर लटकाया, क्या तेहरान में फेल हो गया इजरायल का प्लान?

Published on

तेहरान

ईरान ने देश में आतंकवाद फैलाने की साजिश रचने के आरोप में एक इजरायली जासूस को फांसी देने का दावा किया है। सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मोसाद एजेंट कथित तौर पर ईरान के रक्षा मंत्रालय पर बमबारी करने की योजना बना रहा था। यह खबर पिछले महीने उसी बम साजिश से जुड़े चार लोगों को फांसी देने के बाद आई है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र से ईरान में प्रवेश करने से पहले चारों लोगों को कथित तौर पर एक अफ्रीकी देश में इजरायली खुफिया एजेंसी द्वारा प्रशिक्षित किया गया था। उन चारों लोगों की पहचान ईरानी नागरिक के रूप में की गई थी, जिनके नाम मोहम्मद फरामरजी, मोहसिन मजलूम, वफा अजरबार और पेजमैन फतेही था। ईरान अक्सर देश में मोसाद के ऑपरेशन को विफल करने का दावा करता है, लेकिन ऐसे दावों की सत्यता स्पष्ट नहीं है।

मिसाइल फैक्ट्री पर हमले का लगाया आरोप
ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए ने कहा कि उन्होंने मिसाइल और रक्षा उपकरणों से जुड़ी एक फैक्ट्री को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। यह भी दावा किया गया था कि इजरायल के मोसाद द्वारा प्लान किया गया ऑपरेशन 2022 में होने वाला था। रिपोर्टों में कहा गया है कि कथित तौर पर ईरानी खुफिया जानकारी द्वारा साजिश को टाल दिया गया था। इन लोगों की अपील ईरानी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्हें सोमवार को मौत की सजा दी गई।

ईरानी न्यायपालिका ने भी फांसी की पुष्टि की
ईरानी न्यायपालिका की वेबसाइट मिजान ऑनलाइन ने बताया, “जायोनी जासूसी संगठन से जुड़े एक समूह के चार सदस्यों को मौत की सजा आज सुबह दी गई।” एमनेस्टी के अनुसार, ईरान, चीन को छोड़कर किसी भी अन्य देश की तुलना में प्रति वर्ष सबसे अधिक लोगों को फांसी देता है। दिसंबर में, इसने मोसाद से संबंध रखने के आरोपी चार लोगों को मार डालने का दावा किया था। इसे क्रिसमस के दिन सीरिया में वरिष्ठ ईरानी जनरल सैय्यद रजी मौसवी की हत्या के बाद इन हत्याओं को बदले के रूप में देखा जा रहा है।

गाजा युद्ध के बाद बढ़ा तनाव
इजरायल और ईरान में गाजा युद्ध के बाद तनाव चरम पर है। पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के आतंकवादियों ने इजरायल पर हमला किया था। इस दौरान उन्होंने 1200 से अधिक लोगों को मार डाला और 250 से अधिक इजरायली नागरिकों को बंधक बना लिया। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर हमला किया है। इन हमलों में अब तक 30000 फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। इजरायल और हमास में संघर्षविराम के लिए बातचीत भी हो रही है, लेकिन इसकी सफलता संदिग्ध है। हमास उन इजरायली बंधकों के नाम देने के लिए तैयार नहीं है, जो अभी तक जिंदा हैं।

Latest articles

PM मोदी बोले- पेट्रोल-डीजल का कम करें उपयोग, भारत में तेल के कुएं नहीं

आज वर्क फ्रॉम होम की जरूरत, एक साल तक सोना न खरीदें बेंगलुरु/हैदराबाद। पीएम नरेंद्र...

भेल गांधी मार्केट में 13 साल बाद हुआ चुनाव, महेंद्र नामदेव ‘मोनू’ बने नए अध्यक्ष

व्यापारी संघ चुनाव: 95 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान, महेंद्र ने 57 मतों के...

भोपाल-जेवर एयरपोर्ट के बीच 1 जुलाई से शुरू होगी पहली फ्लाइट, NCR कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट से जल्द ही यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी...

More like this

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...