18.8 C
London
Thursday, April 30, 2026
Homeराष्ट्रीयCEC से खटपट या कुछ और : निर्वाचन आयोग में इकलौते...

CEC से खटपट या कुछ और : निर्वाचन आयोग में इकलौते चुनाव आयुक्त अरुण गोयल को देना पड़ा इस्तीफा?

Published on

नई दिल्ली,

निर्वाचन आयोग में 7 और 8 मार्च को ऐसा क्या हुआ कि उसी दिन निर्वाचन आयोग में इकलौते निर्वाचन आयुक्त अरुण गोयल ने इस्तीफा दे दिया? कुछ बहुत गंभीर बात हुई है जिसकी वजह से अपनी चार साल की सेवा को अरुण गोयल ने ठोकर मार दी. अगले चार साल में दो साल से ज्यादा गोयल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर रहते.

जब अजय भल्ला ने की थी CEC संग बैठक
सूत्रों की मानें तो गोयल के कुछ मुद्दों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ मतभेद तो थे. ये अलग बात है कि अमूमन बड़े अधिकारियों के बीच इतने मतभेद तो चलते हैं रहते हैं, लेकिन छह और सात मार्च को आयोग में माहौल थोड़ा अलग महसूस किया गया.

आठ मार्च को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला निर्वाचन सदन आए थे. अजय भल्ला ने निर्वाचन आयोग के अधिकतर राज्यों में चुनावी तैयारियों को समीक्षा के बाद आम चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती और आवाजाही का प्लान चेक किया. इसका उद्देश्य था कि जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र सहित पूरे देश में चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, सहज और निर्भय माहौल में कराए जा सकें.

बैठक से गैर हाजिर थे अरुण गोयल
सूत्रों के मुताबिक उस मीटिंग में भी गोयल गैर हाजिर थे. सीईसी राजीव कुमार अकेले थे. उस मीटिंग में गृह सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा में राजीव कुमार के साथ अन्य निचले पायदान के आला अधिकारी मौजूद थे. सूत्र बता रहे हैं कि पहले से चले आ रहे मतभेद 6-7 मार्च की रात में गहरा गए. इसी में बात कुछ ऐसी निकली कि इतनी दूर तक चली गई.

15 मार्च तक होगी नए पदों पर नियुक्ति
अब सरकार निर्वाचन आयोग में खाली हुए आयुक्तों के पद 15 मार्च तक भरने की कवायद में जुटी है. अब तक एक ही निर्वाचन आयुक्त की बहाली में जुटी सरकार को आनन-फानन में दो निर्वाचन आयुक्तों की बहाली की कसरत करनी पड़ रही है.सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक 6-7 अफसरों का पैनल तो पहले से ही तैयार है.

प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री की ओर से मनोनीत एक मंत्री की चयन समिति संभवत: मंगलवार तक इस बाबत बैठक करेगी. सरकार की पूरी कोशिश है कि दो निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति चुनाव की घोषणा से पहले हो जाए. सरकार के पास इस बुलेट रफ्तार के अलावा कोई रास्ता भी नहीं है.

हालांकि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने अरुण गोयल की नियुक्ति इसी बुलेट रफ्तार से किए जाने पर तंज कसा था. कोर्ट ने तब कहा था कि ऐसा कौन सा आसमान टूटा पड़ रहा था कि सरकार बिजली को तेजी से काम करने लगी. एक दिन में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन इस बार अर्जेंसी कुछ अलग है और जायज भी है.

Latest articles

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के परिणाम घोषित, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के...

मन की बात में गूंजी सकारात्मक भारत की गूंज: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आमजन के साथ सुना कार्यक्रम

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 133वां संस्करण...

सुशासन से समृद्ध बनेगा राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- गांव के विकास का आधार हैं ग्राम विकास अधिकारी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान' और 'ग्राम-2026' की महत्ता पर...

More like this

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...