तेहरान:
इजरायल पर ईरान ने रविवार को मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। इसके जवाब में शुक्रवार की सुबह इजरायल ने ईरान पर कई मिसाइल दागे हैं। ईरान के इस्फहान प्रांत में धमाकों की आवाज सुनी गई है। इसी प्रांत में नतानज नाम की जगह है, जहां ईरान की एक न्यूक्लियर फैसिलिटी है। हमले को लेकर ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कहा कि यह जगह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया कि हमला सीमित था। वहीं इसमें अमेरिका शामिल नहीं था। लेकिन इजरायल ने अमेरिका को इसकी सूचना दे दी थी। पेंटागन के अधिकारियों ने हमले की पुष्टि नहीं की है। वहीं, व्हाइट हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने सामने आ रही स्थिति पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
हालांकि एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ईरान और इजरायल दोंनों की ओर से किया गया हमला उनकी नाक का सवाल था। दोनों ही देशों ने हमला कर कमजोर दिखने से खुद को बचा लिया है। दरअसल ये पूरा विवाद 1 अप्रैल को हुई एक एयर स्ट्राइक के बाद शुरू हुआ। यह एयर स्ट्राइक सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास पर हुई। इसमें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडरों की मौत हुई थी। ईरान ने इजरायल पर इस हमले का आरोप लगाया। वहीं, इजरायल ने इस हमले से इनकार किया।
ईरान और इजरायल दोनों ने बचाई इज्जत
ईरान ने सीरिया में हुए एयर स्ट्राइक के लगभग दो सप्ताह बाद इजरायल पर 300 मिसाइल और ड्रोन से जोरदार हमला बोल दिया। इससे ईरान ने पूरी दुनिया को यह मैसेज दिया कि वह कमजोर नहीं है और किसी भी देश को जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान के 99 फीसदी हमलों को भले ही इजरायल ने नाकाम कर दिया हो, लेकिन ईरान के हमले ने मिडिल ईस्ट में उसे बेहद कमजोर दिखाया। अपनी इस छवि को बदलने के लिए शुक्रवार को इजरायल ने मिसाइल दागे। इजरायल ने इस हमले से ईरान को यह दिखा दिया कि उसके पास तेहरान तक मिसाइल दागने की ताकत है।
सभी फ्लाइट की गईं कैंसिल
फॉक्स न्यूज के ट्रे यिंगस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘इस पूरे घटनाक्रम के कारण ईरान अपना चेहरा बचा सका, वहीं इजरायल ने ईरान को एक मैसेज भेजा कि उसकी न्यूक्लियर फैसिलिटी निशाने पर है और जब चाहें तब स्ट्राइक कर सकते हैं।’ हमले के बाद से वाणिज्य उड़ानों को पश्चिमी ईरान में अपना रास्ता बदलना पड़ा। वहीं तेहरान एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट को कैंसिल कर दिया गया। एयरपोर्ट पर लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को इस बारे में जानकारी दी गई। ईरानी मीडिया का कहना है कि इजरायल के मिसाइल जमीन पर नहीं गिरे और इन्हें हवा में ध्वस्त कर दिया गया, जिस कारण तेज आवाज सुनी गई।
