तेल अवीव:
इजरायल और ईरान के बीच इस महीने की शुरुआत में तनातनी बढ़ गई थी। ईरान ने इजरायल पर सीरिया में अपने वाणिज्य दूतवास पर हमले का आरोप लगाया था और बदला लेने की बात कही थी। इसके बाद 13-14 अप्रैल की रात ईरान की ओर से इजरायल पर सीधा हमला किया गया। सैकड़ों मिसाइल और रॉकेट ईरान की ओर से इजरायल में दागे गए। इसके चार दिन बाद इजरायल की ओर से बदले की कार्रवाई की गई है। शुक्रवार तड़के इजरायल ने ईरान पर हमला करते हुए उसके सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया। इजरायल के हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री का बयान आया है। उन्होंने इस हमले को गंभीरता से ना लेने की बात कही है।
इजरायल के हमले के एक दिन बाद ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन ने कहा कि जिस तरह के हथियार इजरायली सेना ने इस्तेमाल किए वह ईरानी बच्चों के खिलौनों की तरह हैं। ऐसे हथियारों से हमारे बच्चे खेलते हैं। एनबीसी न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में अब्दुल्लाहियन ने संघर्ष को आगे ना बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इजरायल की ओर से जब तक हमारे हितों के खिलाफ कोई नया दुस्साहस नहीं किया जाता है, तब तक हमारी ओर से प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलेगी।
‘इजराइल ने शुरुआत की तो हम भी जवाब देंगे’
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, ‘अगर इजराइल मेरे देश के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करता है और यह हमारे सामने साबित हो जाता है, तो फिर हम चुप नहीं बैठेगें। हमारी प्रतिक्रिया तत्काल और अधिकतम होगी। हम ऐसा जवाब देंगे कि इजरायल को पछताना पड़ेगा।’ हुसैन ने ये भी कहा कि हमारी ओर से किया गए हमले में एक चेतावनी थी। हम ये संदेश देना चाहते थे कि हम तेल अवीव पर हमला कर सकते हैं और इजरायल के आर्थिक बंदरगाहों को भी निशाना बना सकते हैं।
अब्दुल्लाहियन ने कहा, ‘ईरान की ओर से हाइफा, तेल अवीव या किसी प्रमुख बंदरगाह पर हमला नहीं करने का एकमात्र कारण यह था कि हम नागरिकों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते थे। हमारा केवल एक सैन्य उद्देश्य था और हम नहीं चाहते थे कि नागरिकों की जान का नुकसान हो। बता दें कि ईरान के बड़े पैमाने पर किए गए हमले में इजरायल पर सैकड़ों यूएवी और बैलिस्टिक मिसाइलें और रॉकेट दागे गए। इजरायल ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन हमलों को सफलतापूर्वक रोक लिया।
