रियाद
सऊदी अरब ने इजरायल-हमास युद्ध से संबंधित सोशल-मीडिया पोस्ट के लिए नागरिकों की गिरफ्तारी तेज कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के इजरायल के साथ राजनयिक संबंधों पर सहमत होने की इच्छा का संकेत है। सऊदी अरब ने कहा है कि अगर इजरायल फिलिस्तीनी राज्य के लिए प्रतिबद्ध हो तो वह राजनयिक संबंध स्थापित कर सकता है। ऑनलाइन टिप्पणियों के लिए लोगों को हिरासत में लेना सऊदी अरब में आम बात है, यहां तक कि कई मामलों में 10 साल के बच्चों को भी गिरफ्तार किया गया है।
हमास के हमले के बाद शुरू हुई गिरफ्तारियां
सऊदी अरब में स्वतंत्र भाषण और राजनीतिक अभिव्यत्ति पर अघोषित प्रतिबंध पहले से ही लागू है। फिर भी, रियाद स्थित राजनयिकों और मानवाधिकार समूहों के अनुसार, गिरफ्तारियों की हालिया श्रृंखला विशेष रूप से हमास के इजरायल पर 7 अक्टूबर के घातक आक्रमण और उसके परिणामों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित है। हमास समर्थित अधिकारियों के अनुसार, गाजा पर इजरायल की जवाबी बमबारी में 34,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, और कई अन्य को भोजन और स्वास्थ्य देखभाल की तत्काल आवश्यकता है। इससे पूरे अरब जगत और अमेरिका सहित पश्चिमी देशों में एक लोकप्रिय इजरायल विरोधी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है, जहां विश्वविद्यालय परिसरों में हिंसक झड़पें हुई हैं। बुधवार को अमेरिका में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।
सऊदी अरब को कौन सा डर सता रहा
सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन जैसे क्षेत्रीय सहयोगी इस प्रवृत्ति से चिंतित हैं, उन्हें डर है कि ईरान और इस्लामवादी समूह विद्रोह की लहर को भड़काने के लिए संघर्ष का फायदा उठा सकते हैं। एक दशक से भी अधिक पहले की अरब क्रांति की यादें क्षेत्रीय शासकों के बीच ताजा बनी हुई है। ये सभी देश ऐसे हालातों को फिर से पैदा न होने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मामले की जानकारी रखने वाले सऊदी अरब के अंदर और बाहर के लोगों के अनुसार, हाल ही में सऊदी हिरासत में ऐसे व्यक्ति को लिया गया है, जो प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊदी के विजन 2030 वाली आर्थिक परिवर्तन योजना में शामिल एक कंपनी में बड़े पोस्ट पर तैनात था। हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने गाजा संघर्ष पर अपने विचार व्यक्त किए जिन्हें अधिकारियों ने भड़काने वाला माना।
सोशल मीडिया के ‘बयानवीरों’ को पकड़ रहा सऊदी
लोगों ने कहा, एक मीडिया हस्ती जिसने कहा था कि इजरायल को कभी माफ नहीं किया जाना चाहिए, उसको भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही सऊदी में अमेरिकी फास्ट फूड रेस्तरां के बहिष्कार का आह्वान करने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। लोगों ने इस शर्त पर जानकारी साझा की कि न तो उनकी और न ही गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान की जाएगी। सऊदी आंतरिक मंत्रालय और सरकार के मानवाधिकार आयोग ने टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।
