नई दिल्ली,
लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं जिसमें 293 सीटों के साथ बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को बहुमत मिल गया है. कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक को 234 सीटें मिली है. मोदी के नेतृत्व में बीजेपी पिछली दो बार की तरह इस बार अकेले बहुमत पाने में असफल रही और मात्र 240 सीटें ही हासिल कर सकी. एनडीए के प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान से खूब प्रतिक्रिया आ रही है. पाकिस्तान के राजनयिक और पत्रकार बीजेपी के सीटें कम होने और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों के शानदार प्रदर्शन पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं.
भारत में उच्चायुक्त रह चुके पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक अब्दुल बासित ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा हैं, ‘सांप्रदायिक कट्टरता और भाजपा के हिंदू राष्ट्र को खारिज करने के लिए भारत के लोग सराहना के पात्र हैं.’अब्दुल बासित लोकसभा नतीजों की ओट में कश्मीर का राग अलापने से बाज नहीं आए और उन्होंने लिखा, ‘श्रीनगर से लेकर करगिल तक जम्मू-कश्मीर में भाजपा के उम्मीदवारों की चुनावी हार ने बिना किसी शंका के बता दिया कि कश्मीरी आत्मनिर्णय के अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखे हुए हैं. उन्हें सलाम.’
पाकिस्तान की पिछली इमरान खान सरकार में सूचना मंत्री रहे फवाद चौधरी भी लोकसभा नतीजों पर लगातार टिप्पणी कर रहे हैं. एक ट्वीट में उन्होंने कहा है, ‘मैं दावा करता हूं कि मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन उनकी सरकार के अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने की तनिक भी संभावना नहीं है. अगर इंडिया गठबंधन अपने पत्ते सही से खेलता है तो भारत में मध्यावधि चुनाव कराने होंगे.’
पाकिस्तान के पत्रकार साबिर शाकिर ने पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के पहले पन्ने की तस्वीर शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘संविधान और लोकतंत्र की सर्वोच्चता ने ताकत और नफरत को हराया. सबक लेना चाहिए.’पाकिस्तानी पत्रकार ने जो तस्वीर शेयर की है उसमें अखबार के मुखपृष्ठ पर लिखा है, ‘भारत ने नफरत को हराया, मोदी मुस्लिम-फ्रेंडली सहयोगियों की दया पर.’
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के मीडिया सलाहकार रहे उमर आर कुरैशी ने एक ट्वीट रिट्वीट करते हुए लिखा है, ‘भारतीय मुसलमानों को भाजपा नेताओं ने कमतर बताया, भारतीय मुसलमानों को भाजपा नेता आतंकवादी कहते हैं, भाजपा नेता भारतीय मुसलमानों को घुसपैठिया कहते हैं, भाजपा नेता भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान जाने के लिए कहते हैं, भाजपा भारतीय मुसलमानों को विवाह के उनके अधिकार के इस्तेमाल से रोकती है, भाजपा मुसलमानों को अपनी इच्छानुसार पढ़ने और कपड़े पहनने के अपने अधिकार से रोकती है, भारतीय मुसलमान अपनी खान-पान की आदतों के कारण मारे जाते हैं. इसलिए उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया.’
कुरैशी ने जो ट्वीट रिट्वीट किया है, उसमें लिखा है, ‘इस चुनाव से मिला अहम सबक…आप चाहे कितना भी उनके लिए कर लेंगे, मुसलमान आपको वोट नहीं देंगे.’पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी के पत्रकार हामिद मीर ने भी लोकसभा चुनाव नतीजों पर टिप्पणी की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘खुफिया एजेंसियों समेत सभी सरकारी संस्थाएं प्रधानमंत्री के पीछे खड़ी थीं और उनके लिए हर तरह से काम कर रही थीं. फिर भी प्रधानमंत्री की पार्टी को मनमुताबिक चुनाव नतीजे नहीं मिल सके, क्या भारत के चुनाव नतीजों में हमारे लिए कोई सबक है? या नहीं?’
