13.8 C
London
Saturday, April 18, 2026
Homeराजनीतिजल संकट के बाद अब दिल्ली में बिजली गुल, कई इलाकों में...

जल संकट के बाद अब दिल्ली में बिजली गुल, कई इलाकों में बड़े स्तर पर पावर कट, आतिशी ने लगाया केंद्र पर आरोप

Published on

नई दिल्ली

भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी की मोहताज दिल्ली में अब बिजली संकट भी गहरा हो गया है। दिल्ली के कई इलाकों में बड़ा पावर कट हुआ है। खुद दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि यूपी के मंडोला में पीजीसीआईएल के एक सब-स्टेशन में आग लगी है। इस सब-स्टेशन से दिल्ली को 1500 मेगावॉट बिजली मिलती है। मंडोला सब-स्टेशन में आग लगने की वजह से दिल्ली के कई हिस्सों में पावर कट हुआ है। भीषण गर्मी के बीच अचानक से पावर कट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लोग सोशल मीडिया पर इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं, तो वहीं दिल्ली सरकार इसके लिए केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है।

दिल्ली के कौन-कौन से इलाके प्रभावित
पावर कट बड़े हिस्से में हुआ है। दिल्ली के कई हिस्से इससे प्रभावित हैं। इसमें पूर्वी दिल्ली का काफी हिस्सा, आईटीओ का हिस्सा, दक्षिणी दिल्ली में सुखदेव विहार, आश्रम, सरिता विहार समेत कई इलाके प्रभावित हुए।

दिल्ली के कई इलाकों में पावर कट
आतिशी ने ट्वीट करते हुए कहा, दिल्ली के कई हिस्सों में दोपहर 2:11 बजे से बिजली गुल हो गई है। यह उत्तर प्रदेश के मांडोला में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) के सब-स्टेशन में आग लगने के कारण हुआ है। मांडोला सब-स्टेशन से दिल्ली को 1200 मेगावाट बिजली मिलती है, इसलिए दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। बिजली बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली वापस आ रही है। लेकिन राष्ट्रीय पावर ग्रिड में यह बड़ी खराबी बेहद चिंताजनक है। मैं केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और PGCIL के चेयरमैन से मिलने का समय मांग रहा हूँ ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी स्थिति फिर से न हो।’

आतिशी ने केंद्र को बताया जिम्मेदार
आतिशी ने इस पावर कट के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘यह चिंता की बात है कि आज राष्ट्रीय स्तर की पावर इंफ्रास्ट्रक्चर ठप हो गई है। देश की राजधानी में राष्ट्रीय ग्रिड की विफलता बहुत ही चिंताजनक है। जब दिल्ली की बिजली की मांग 8,000 मेगावाट तक पहुंची थी तब भी बिजली कटौती नहीं हुई थी। यह बिजली कटौती राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर की विफलता के कारण हुई है।’

दिल्ली सरकार क्या करेगी उपाय?
आतिशी ने कहा कि ये बहुत गंभीर मुद्दा है। फिलहाल दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी की बिजली कंपनियों से इस मसले पर बात कर रही है। इसके समाधान के लिए दिल्ली के अन्य पॉवर स्रोतों (जैसे एन -1) से लिंक किया जा रहा है। एन-1 को पावर बैकअप माना जाता है। उन्होंने कहा मैं आज केंद्र सरकार के नए बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, PGCIL के चेयरमैन और NTPC के चेयरमैन से समय मांगूंगी… दिल्ली में बिजली का उत्पादन बहुत सीमित है, दिल्ली में ज्यादातर बिजली अलग-अलग राज्यों से आती है… ये बहुत चिंता की बात है कि आज हमारे देश का राष्ट्रीय स्तर का बिजली ढांचा फेल हो गया है।”

Latest articles

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...