नई दिल्ली,
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की पहली रात सुखद सपने के साथ गुजरी होगी। टीम का हर खिलाड़ी चैन से सोया होगा क्योंकि 13 साल पुरानी कसक पूरी हो गई। इस रात को जीने के लिए भारतीय ‘रनबांकुरों’ ने न जाने कितनी रातें सिर्फ करवट बदलते हुए गुजारी होगी। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वह फाइनल की अगली सुबह अपने बिस्तर पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर उठे। रोहित शर्मा बारबडोस के होटल के अपने कमरे में ट्रॉफी सिरहाने पर रखकर सोए थे।
बारबडोस में शानदार जीत के बाद जब पत्रकारों ने उनसे इस फॉर्मेट में खेलना जारी रखने का आग्रह किया तो वह कहते हैं, ‘वह मेरा आखिरी गेम था। ईमानदारी से कहूं तो, जब से मैंने इस प्रारूप को खेलना शुरू किया है तब से मैंने इसका आनंद लिया है। इस प्रारूप को अलविदा कहने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। मुझे इसका हर पल पसंद आया है। मैंने भारत में खेलते हुए अपने करियर की शुरुआत की थी। इस प्रारूप में मैं यही करना चाहता था और कप जीतना चाहता था।’ इस बीच रोहित शर्मा ने पुष्टि की कि वह वनडे और टेस्ट खेलना जारी रखेंगे।
कुछ ऐसी ही तस्वीर सूर्यकुमार यादव ने भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी, जहां वो अपने बेड पर पत्नी देविषा के साथ सो रहे हैं और दोनों के बीच वर्ल्ड कप ट्रॉफी रखी हुई है। सूर्या इस मैच में भले ही बल्ले से नाकाम रहे, लेकिन आखिरी ओवर की पहली गेंद पर बाउंड्री लाइन पर डेविड मिलर के लपके कैच ने जीत-हार का फासला तय किया। फाइनल में कोहली को 59 गेंदों में 76 रन की मैच विजयी पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला, जिससे भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन बनाने में कामयाब रहा। जवाब में दक्षिण अफ्रीका लक्ष्य से सात रन दूर रह गया।
ट्रॉफी लेकर सोए थे रोहित
ट्रॉफी जीतने के बाद पूरी टीम बेहद खुश और भावुक थी. रोहित शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी मॉर्निंग फोटो पोस्ट की जिसमें टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी उनकी बेड के पास रखी नजर आ रही है.रोहित ने अपने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए कहा, ‘मैंने कभी भी टी-20 क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में नहीं सोचा था. विश्व कप ट्रॉफी के साथ संन्यास लेने से अच्छा और क्या हो सकता है.’ उन्होंने कहा कि टी20 को अलविदा कहने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था. रोहित ने कहा कि वे आईपीएल खेलना जारी रखेंगे.
‘संन्यास का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता’
रोहित से जब पूछा गया कि अगर भारत ने सात महीने पहले घरेलू मैदान पर वनडे विश्व कप जीता होता तो क्या वे टी20 से पहले ही संन्यास ले लेते, इस सवाल के जवाब में रोहित ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं टी20 से संन्यास लूंगा, लेकिन स्थिति ऐसी है कि मुझे लगा कि यह मेरे लिए एकदम सही समय है. विश्व कप जीतने के साथ संन्यास लेने से बेहतर कुछ नहीं हो सकता.
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2007 में जब भारत टी20 विश्व कप जीता था, तब से लेकर अपने टी20 सफर के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा कि मुझे बताया गया कि मैंने 2007 में शुरुआत की. विश्व कप जीता और विश्व कप जीतने के बाद मैं खेल से संन्यास ले रहा हूं तो यह मेरे लिए एक अनुकूल समय है. एक चक्र पूरा हो गया है, इसलिए मैं बहुत खुश हूं.
