नई दिल्ली,
दिल्ली के राजेंद्र नगर में RaU’s IAS कोचिंग के बेसमेंट में डूबकर 3 छात्रों की मौत के बाद प्रशासन एक्शन शुरू कर दिया है. कोचिंग के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए 5 बुलडोजर पहुंच गए हैं. इसके लिए दिल्ली नगर निगम की टीम RaU’s IAS कोचिंग पहुंच गई है. एक्शन से पहले MCD ने दिल्ली पुलिस से कार्रवाई के लिए अनुमति मांगी थी, जिस पर पुलिस ने इजाजत दे दी है. वहीं, प्रशासन ने एक्शन लेते हुए जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया है. साथ ही सहायक इंजीनियर को भी सस्पेंड कर दिया गया है. मामले में कमिश्नर ने फील्ड स्टाफ की तरफ से खामियां देखीं हैं.
इस भयानक हादसे के बाद अतिक्रमण हटाने पहुंचे अधिकारियों से पूछा गया कि उन्होंने आखिर दुर्घटना के पहले एक्शन क्यों नहीं लिया. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आखिर हादसे से पहले क्यों नहीं हुई? आज तक के इन सवालों से वहां मौजूद सभी अधिकारी बचते हुए नजर आए. लगातार सवाल पूछने के बाद भी अफसर कन्नी काटते ही नजर आए.
मामले में अब तक 7 लोग गिरफ्तार
बता दें कि बेसमेंट में पानी भरने के बाद तीन स्टूडेंट्स की मौत के मामले में पुलिस ने आज 5 लोगों को और गिरफ्तार किया है. इससे पहले कोचिंग सेंटर का मालिक और कोऑर्डिनेटर को भी गिरफ्तार किया गया था. यानी अब तक इस मामले में कुल 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. पुलिस ने उस व्हीकल (थार) के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है, जो मुख्य सड़क से वाहन लेकर गुजरा था. कहा जा रहा है कि कार के निकलने से प्रेशर बढ़ा और पानी बिल्डिंग के अंदर घुस गया था.
कैसे हुआ था जानलेवा हादसा?
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में राव आईएएस (Rau’s IAS) कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में शनिवार शाम को बारिश के बाद पानी भरने से हादसा हो गया. इस दौरान कोचिंग में पढ़ने वाले तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी. इस मामले में पुलिस ने हादसे की जांच के लिए FIR दर्ज की है और कई टीमें गठित की हैं. पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता और को-ऑर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया है.
लाइब्रेरी में मौजूद थे 30-35 स्टूडेंट्स
हादसे के दौरान मौके पर मौजूद चश्मदीद छात्रों के मुताबिक बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी में करीब 30-35 स्टूडेंट्स मौजूद थे. शाम 7 बजे लाइब्रेरी बंद होने पर जैसे ही हम बाहर निकले, तो सामने से बहुत तेज प्रेशर से पानी आ रहा था. जब तक हम लोग लाइब्रेरी खाली करते, तब तक घुटनों तक पानी भर चुका था.
बहाव के कारण निकल नहीं पाईं लड़कियां
छात्रों का कहना है कि बहाव इतना तेज था कि वे लोग सीढ़ियां नहीं चढ़ पा रहे थे. 2-3 मिनट के अंदर पूरे बेसमेंट में 10 से 12 फीट पानी भर गया था. वहां से निकलने के लिए रस्सियां फेंकी गईं, लेकिन पानी इतना गंदा था कि कुछ भी नहीं दिख रहा था. वहां से एक-एक कर बच्चे निकाले जा रहे थे. एक छात्र ने कहा कि मेरे पीछे 2 लड़कियां और थीं. जो निकल नहीं पाईं.
