नई दिल्ली
दिल्ली के राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे को 36 घंटे से ज्यादा हो गए हैं,लेकिन अभी भी वो दहशत छात्र-छात्राओं के जहन में है। कार्रवाई के नाम पर कोचिंग के मालिक और को-आर्डिनेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हादसे को लेकर कल से कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसी कड़ी में एक और ताजा वीडियो सामने आया है। एक एसयूवी गाड़ी कोचिंग संस्थान के बाहर जमा पानी से गुजरती हुई दिख रही है, जिससे पानी का छींटा गेट पर पड़ता है। अगले ही पल गेट नीचे गिरता हुआ दिखाई देता है, ऐसा लग रहा है कि पानी का तेज बहाव गेट को तोड़कर संस्थान के अंदर घुस गया। बता दें कि पानी के तेज बहाव में तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी।
ताजा वीडियो में क्या है?
वीडियो में दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर के लोकप्रिय यूपीएससी कोचिंग हब की बदहाली भी दिख रही है जहां लोग घुटने तक पानी में डूबे हुए दिखाई दे रहे हैं। एक मोटरसाइकिल भी कीचड़ भरे पानी में आधी डूबी हुई दिख रही है। बेसमेंट जमीन से आठ फीट नीचे था और शनिवार शाम को कई छात्र इसमें मौजूद थे जब इसमें पानी भर गया। तनिया सोनी, श्रेया यादव दोनों 25 और नवीन डेल्विन (28) को छोड़कर सभी समय रहते बाहर निकल गए। सात घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मध्यरात्रि के बाद तीनों के शव बरामद किए गए।
#WATCH | Video footage shows a car moving fast on the waterlogged road due to which the gate of the coaching center broke and water started to fill in the basement of the IAS coaching center in Old Rajendra, Delhi. pic.twitter.com/OgqZ6Pavfn
— The Times Of India (@timesofindia) July 28, 2024
एनओसी किसी और की और चल रहा था कुछ और
दिल्ली दमकल सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि बेसमेंट का पानी निकालने का कोई विकल्प नहीं था। तीन मंजिला कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग प्लान को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) विभाग ने 2021 में मंजूरी दे दी थी, जिसमें झूठ बोलकर बताया गया था कि इसे स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसा कि बिल्डिंग प्लान और फायर डिपार्टमेंट के नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) में दिखाया गया था। गर्ग ने बताया कि बिल्डिंग में फायर एनओसी है, लेकिन एनओसी में उन्होंने बेसमेंट को स्टोर रूम के रूप में दिखाया था। संस्थान का प्रबंधन उसी कमरे को क्लासरूम या लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल कर रहा था जो कि एनओसी का उल्लंघन है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में कई अन्य कोचिंग संस्थान हैं जो बेसमेंट से संचालित होते हैं।
