13.4 C
London
Wednesday, May 6, 2026
Homeखेलहारकर भी अर्जुन बाबुता ने जीत लिया दिल... एक गलत शॉट और...

हारकर भी अर्जुन बाबुता ने जीत लिया दिल… एक गलत शॉट और चूक गए ओलंपिक मेडल

Published on

पेरिस,

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के स्टार निशानेबाज अर्जुन बाबुता देश को दूसरा मेडल दिलाने से चूक गए. शुरुआती 11 शॉट के बाद अर्जुन सिल्वर मेडल जीतने की पोजिशन पर थे, लेकिन उसके बाद उनके कुछ गलत शॉट हुए जिस कारण वो चौथे नंबर पर आकर बाहर हो गए.

इससे पहले रविवार को मनु भाकर ने शूटिंग के महिला 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रॉन्ज दिलाया था. यह भारत का पेरिस ओलंपिक में पहला मेडल रहा. जबकि सोमवार को अर्जुन बाबुता पुरुष 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में मेडल जीतने से चूक गए. मगर उन्होंने अपने प्रदर्शन से फैन्स का दिल जरूर जीत लिया.

सिल्वर की पोजिशन से इस तरह हटे बाबुता
10 मीटर एयर राइफल इवेंट के फाइनल मुकाबले में 8 शूटर्स शामिल रहे थे. चीन के लीहाओ शेंग ने इस इवेंट का गोल्ड जीता. लीहाओ शेंग ने 252.2 अंक स्कोर किया और ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया. स्वीडन के विक्टर लिंडग्रेन ने 251.4 अंकों के साथ सिल्वर, जबकि क्रोएशिया के मैरिसिक मीरान ने 230 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता.

बाबुता एक समय शुरुआती 11 शॉट के बाद सिल्वर मेडल जीतने की पोजिशन पर थे, मगर उन्होंने 13वां (9.9), 15वां (10.2) और 18वां (10.1) शॉट गलत खेला, जिसने बाबुता को मेडल की रेस से बाहर कर दिया. हताश बाबुता आखिरी शॉट भी सही नहीं लगा सके और यह 9.5 का रहा. इस तरह एक समय सिल्वर के दावेदार रहे बाबुता कोई भी मेडल नहीं जीत सके.

फाइनल में बाबुता का प्रदर्शन
पहली सीरीज: 10.7, 10.2, 10.5, 10.4, 10.6, कुल: 52.4 अंक
दूसरी सीरीज: 10.7, 10.5, 10.4, 10.6, 10.4, कुल: 52.6 अंक
बाकी के शॉ​​​​​​ट: 10.6, 10.8, 9.9, 10.6, 10.2, 10.7, 10.5, 10.1, 10.5, 9.5

शूटिंग में दिलचस्पी पर खेल के बारे में कुछ पता नहीं
बता दें कि अर्जुन की स्टोरी काफी फिल्मी है. इस स्टोरी से दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के कोच कर्नल जेएस ढिल्लों का काफी अहम नाता है. कह सकते हैं कि ढिल्लों इस स्टोरी के हीरो हैं, जिनके मार्गदर्शन में अर्जुन ने अपने आप को निखारा और देश को मेडल दिलाया.

दरअसल, मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मे अर्जुन बाबुता पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र से हैं. भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा उनका गांव है. उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गृहनगर में पूरी की और बाद में अपने परिवार के साथ चंडीगढ़ चले गए क्योंकि उनके पिता भारतीय रेलवे में काम करते थे. अर्जुन बाबुता ने चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से बीए ऑनर्स की पढ़ाई की.

अर्जुन बाबूटा को शूटिंग में दिलचस्पी थी, लेकिन और शुरू में उन्हें इस खेल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. अर्जुन अपने पिता नीरज बाबुता के साथ चंडीगढ़ में भारतीय ओलंपिक निशानेबाज अभिनव बिंद्रा से सलाह लेने के लिए पहुंचे. 2013 में इसी दौरान उनकी मुलाकात बिंद्रा के कोच कर्नल जेएस ढिल्लों से हुई. ढिल्लों ने अर्जुन को राइफल शूटिंग में शामिल होने का सुझाव दिया. कोच ढिल्लों के सुझाव के बाद अर्जुन ने 10 मीटर एयर राइफल श्रेणी के लिए प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया. अर्जुन ने 2013 में चंडीगढ़ स्टेट शूटिंग चैम्पियनशिप में अपना पहला पदक जीता.

Latest articles

भोपाल में चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों में आक्रोश, डीपीआई के सामने किया प्रदर्शन

9 माह से नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज, कहा- आदेश जारी नहीं हुए तो...

भोपाल में 75 साल के पड़ोसी एडवोकेट ने डिफेंस ऑफिसर की 5 वर्षीय बच्ची से किया रेप

आरोपी की नातिन के साथ खेलने गई थी बच्ची, गिरफ्तार भोपाल। भोपाल में पांच साल...

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में सुरक्षा बलों पर फायरिंग; 5 घायल, कोलकाता में TMC ऑफिस पर चला बुलडोजर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं शुरू हो गई हैं।...

संजू सैमसन ने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ा, अब AB de Villiers की बारी, जड़े इस साल 21 छक्के

नई दिल्ली। संजू सैमसन इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली...

More like this

संजू सैमसन ने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ा, अब AB de Villiers की बारी, जड़े इस साल 21 छक्के

नई दिल्ली। संजू सैमसन इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली...

बीएचईएल स्पोर्ट्स क्लब में 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ

भोपाल। 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ भेल खेल प्राधिकरण बैडमिंटन कोर्ट, बरखेड़ा...