नई दिल्ली
यूपीएससी के नए चेयरमैन की नियुक्ति हो गई है। सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी प्रीति सूदन को यूपीएससी का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। प्रीति सूदन कल यानी 1 अगस्त से अपना कार्यभार संभालने वाली हैं। यूपीएससी की नई चेयरमैन बनने से पहले वो कई सरकारी विभागों में काम कर चुकी हैं। इसके साथ ही प्रीति सूदन ई-सिगरेट को बंद करने के दौरान भी काफी चर्चा में आई थीं।
आइए जानते हैं प्रीति सूदन के बारे में कुछ खास
यूपीएससी की नई चेयरमैन प्रीति सूदन 1983 बैच की IAS हैं और चार साल पहले ही रिटायर हुई हैं। अपने करियर में उन्होंने महिला और बाल विकास मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय तक में काम किया है। कोरोना के वक्त प्रीति सूदन भारत सरकार की स्वास्थ्य सचिव पद पर थीं। उस दौरान उन्होंने कोविड महामारी के दौरान इससे निपटने में मुख्य रणनीति बनाई थी। बता दें कि प्रीति सूदन साल 2017 के अक्टूबर से जुलाई 2020 तक स्वास्थ्य सचिव के तौर पर कार्यरत रही थीं।
हरियाणा की रहने वाली हैं प्रीति सूदन
यूपीएससी की नई चेयरमैन हरियाणा की बेटी हैं। उन्होंने लंदन के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एम.फिल किया है। प्रीति सूदन ने साल 1983 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी और आंध्र प्रदेश कैडर में IAS अधिकारी बन गई थीं। प्रीति सूदन ने उस वक्त यूपीएससी के चेयरमैन की कमान संभाली है जब ट्रेनी IAS पूजा खेडकर के मामले ने देशभर में सनसनी मचा रखी हैं।
केंद्र सरकार की कई योजनाओं में प्रीति सूदन की रही अहम भूमिका
प्रीति सूदन ने अपने करियर में कई विभागों में काम किया है और हर विभाग में उन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया जो कभी भी नहीं भूला जा सकता है। केंद्र सरकार के कई योजनाओं में उनका मुख्य योगदान रहा है। आयुष्मान भारत योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ में प्रीति सूदन की अहम भूमिका रही है। वहीं प्रीति सूदन ने विश्व बैंक में कंसल्टेंट के तौर पर भी काम किया है।
