10.5 C
London
Monday, April 20, 2026
Homeराष्ट्रीयकोविड-19 से ठीक हुए लोगों को थकान कर रही सबसे अधिक परेशान,...

कोविड-19 से ठीक हुए लोगों को थकान कर रही सबसे अधिक परेशान, स्टडी में हुआ खुलासा

Published on

नई दिल्ली

कोविड- 19 बीमारी से ठीक हुए लोगों पर देश- विदेश में हुई स्टडी में कुछ कॉमन फैक्टर सामने आए हैं। मरीज अस्पताल में भर्ती रहा हो, बिना अस्पताल गए ठीक हुआ हो या फिर मिश्रित समूहों में शामिल मरीज रहे हों, इन तीनों कैटिगरी में थकान सबसे अधिक बार रिपोर्ट किया जाना वाला लक्षण है। कोविड से ठीक होने के बाद थकावट ने काफी परेशान किया। इसके अलावा सामान्य रूप से रिपोर्ट किए गए अन्य लक्षणों में अस्वस्थता, सांस फूलना, लगातार गंध या स्वाद की कमी, मस्तिष्क में धुंधलापन, सिरदर्द, खांसी, हल्का बुखार, घबराहट, चक्कर आना, डिप्रेशन, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल है। हाल ही में हुई एक व्यवस्थित समीक्षा (systematic review) से पता चला है कि कोविड से ठीक हुए करीब 45 प्रतिशत लोगों में कम से कम एक ऐसा लक्षण था, जिसका समाधान नहीं हुआ।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट
राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट में थकान, सांस कम आना या सांस लेने में कठिनाई, याददाश्त, एकाग्रता या नींद की समस्या, लगातार खांसी, सीने में दर्द, बोलने में परेशानी, मांसपेशियों में दर्द, गंध या स्वाद की कमी, डिप्रेशन या चिंता और बुखार को कोविड- 19 के बाद की स्थिति के दौरान अनुभव किए जाने वाले सबसे आम लक्षणों में से कुछ बताए गए हैं। कोविड के बाद की परेशानी कई फैक्टर पर निर्भर करती है। प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्युन सिस्टम का असंतुलित होना, स्व- प्रतिरक्षा की कमी, डिस्बओसिस, माइक्रोथ्रोम्बी, सिस्टमैटिक फाइब्रोसिस, लगातार सीएनएस संक्रमण जैसे फैक्टर कोविड के बाद की समस्याओं का कारण हो सकते हैं।

अब तक 194 स्टडी
विभिन्न भौगोलिक जगहों को देखें तो यूरोप में 106 स्टडीज हुई हैं। एशिया में 49, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में 31 व अन्य महाद्वीपों में 8 समेत करीब 194 की एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा विश्लेषण (दो या अधिक अलग-अलग अध्ययनों के परिणामों का सांख्यिकीय संयोजन) किया गया। सामने आया कि अस्पताल में भर्ती (28.4 प्रतिशत), गैर- अस्पताल में भर्ती (34.8 प्रतिशत) और मिश्रित (25.2 प्रतिशत) लोगों ने सबसे अधिक बार थकान के लक्षणों के बारे में रिपोर्ट की है। अस्पताल में भर्ती मरीजों में पांच सबसे ज्यादा प्रचलित लक्षणों में थकान के (28.4 प्रतिशत, 70 स्टडीज), दर्द- असुविधा (27.9 प्रतिशत, 10 स्टडीज), नींद न आना (23.5 प्रतिशत, 34 स्टडीज), सांस फूलना (22.6 प्रतिशत, 70 स्टडीज) और खराब सामान्य गतिविधियों के (22.3 प्रतिशत, 10 स्टडीज) मामले थे।

क्या कह रहा ICMR
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक यह देखा गया है कि जिन्होंने कोविड-19 संक्रमण से पहले कोविड वैक्सीन ली है, उनमें पोस्ट कोविड की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की घटनाएं कम हैं। साथ ही संक्रमण पूर्व टीकाकरण का पिछले कोविड-19 संक्रमण और लंबे समय से चल रहे कोविड वाले रोगियों में कोविड पश्चात लक्षणों के बिगड़े मामलों के साथ संबंध नहीं है। मरने वालों में केवल 16 फीसदी रोगियों को ही टीका लगाया गया था, जो कि एंटी SARS-CoV-2 टीकाकरण के सुरक्षात्मक प्रभाव को दर्शाता है।

अचानक होने वाली मौत चिंता का विषय
देश मे सडन डेथ (अचानक मौत) अभी भी चिंता का विषय है। आईसीएमआर ने इस बारे में स्टडी भी की है। देश के 31 अस्पतालों से मिले आंकड़ों को देकें तो फॉलो अप केसों में सांस फूलना, थकान और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सबसे ज्यादा पाई गई। अस्पताल से छुट्टी होने के 30 से 60 दिनों के भीतर 8042 लोगों में से क्रमश 18.6, 10.5 और 9.3 प्रतिशत में ये समस्याएं देखी गई और एक साल बाद इनमें कमी पाई गई। आईसीएमआर की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में युवा वयस्कों में अचानक होने वाली अज्ञात मौतों के पीछे कोविड की वजह से लंबे समय तक अस्पताल में दाखिल रहना, फैमिली में सडन डेथ (अचानक मौत) का इतिहास रहना, हेल्दी लाइफस्टाइल न होना समेत कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

Latest articles

भोपाल तमिल संगम ने सफलतापूर्वक किया बीटीएस तमिल उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह और भव्य तमिल नव वर्ष समारोह का आयोजन 

भोपाल। मध्य भारत में तमिल समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से...

नारी शक्ति वंदन विधेयक गिरने के विरोध में भाजपा आज निकालेगी आक्रोश रैली

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को...

राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश

वार्ड 68 में 1 करोड़ 37 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और...

भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर बैरसिया भगवामय, जयघोषों के बीच निकली भव्य विशाल बाइक रैली

राजेन्द्र शर्मा बैरसिया। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रविवार को नगर बैरसिया भगवान...

More like this

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

गेल (इंडिया) ने उप्र और महाराष्ट्र में लगाएगी 700 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का सोलर प्लांट

नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 700 मेगावाट सौर...