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Monday, April 20, 2026
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बांग्लादेश की शेख हसीना की तरह इन देशों के मुखिया भी छोड़ भागे कुर्सी, क्या भारत में भी कभी होगा ऐसा हाल?

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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सोमवार शाम जब भीड़ प्रधानमंत्री के आवास में घुस गई तो हसीना हेलिकॉप्टर से देश छोड़कर भाग गईं। प्रदर्शनकारियों को पीएम के इस्तीफे का जश्न मनाते देखा जा रहा है, जबकि बांग्लादेश सेना ने सुनिश्चित किया कि एक अंतरिम सरकार शीघ्र ही कार्यभार संभालेगी। बता दें, बांग्‍लादेश में तख्तापलट से पहले भी कई देशों में तख्तापलट हो चुके हैं। आइए हम इस बारे में जानते हैं।

क्यों हुआ बांग्लादेश में तख्तापलट
बांग्लादेश में तख्तापलट की शुरुआत पिछले महीने के विरोध प्रदर्शन के साथ ही शुरू हो गई थी। जब बांग्लादेश हाई कोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत कोटा बहाल करने के पक्ष में फैसला सुनाया था। नौकरी में आरक्षण खत्म करने और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच भड़की हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हैं। हालात इतने खराब हैं कि पूरे देश में अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगाया गया है और इंटरनेट पर बैन लगाया गया है। सेना अब पूरे देश में तैनात हो गई है।

अफगानिस्तान में हुआ था तख्तापलट
साल 2021 में अफगानिस्तान में भी तख्तापलट हो गया था। जब देश तालिबान के कंट्रोल में आ गया और पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी को भी देश छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात भागना पड़ा था। दो दशक तक अमेरिका से लड़ने के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था। तालिबान ने 15 अगस्त, 2021 को काबुल के राष्ट्रपति पैलेस के अंदर अपना झंडा फहरा दिया था।

श्रीलंका
साल 2022 में, श्रीलंका में सरकार के खिलाफ मार्च महीने में बांग्लादेश के तरह के विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। श्रीलंका सरकार ने ऐलान किया था कि देश दिवालिया हो गया तो हजारों की संख्या में श्रीलंकाई सड़कों पर उतर आए थे। कोलंबो में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के भवन को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था और गोटा-गो-गामा यानी- गोटबाया अपने गांव जाओ के नारे गूंजे थे। बता दें, प्रदर्शनकारियों की कमरों में आराम करते और स्विमिंग पूल में नहाते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

पाकिस्तान
साल 1958 में जनरल अयूब खान के नेतृत्व में पाकिस्तान में पहला सैन्य तख्तापलट हुआ था। उस समय पाकिस्तान के पहले राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्ज़ा ने पाकिस्तान के संविधान को निरस्त कर दिया था और मार्शल लॉ घोषित कर दिया, और 27 अक्टूबर तक चला था।

क्या भारत में भी हो सकता है तख्तापलट?
भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं इतनी मज़बूत हैं कि भारत में सेना के लिए तख्तापलट करना बिल्कुल भी असंभव है। इसके बहुत स्वाभाविक कारण हैं। भारत की सेना की स्थापना अंग्रेजों ने की थी और उसका ढांचा पश्चिमी देशों की तर्ज पर बनाया था। इसी के साथ ही भारत की सरकार काफी मजबूत है, तो तख्तापलट जैसी स्थिति होनी भारत में असंभव है।

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