लखनऊ
बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया और शेख हसीना को पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद देश छोड़कर भागना पड़ा। बांग्लादेश में कई दिनों की अशांति और राजनीति उथल-पुथल के बाद अंतरिम सरकार का गठन हो गया है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद युनूस ने गुरुवार को देश में अंतरिम सरकार के प्रमुख के लिए रूप में शपथ ली। मानसून सत्र में भी बांग्लादेश का मुद्दा गूंजा। इस बीच, नगीना सांसद चंद्रशेखर ने बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए सरकार को चेताया कि देश की जनता वहां जैसा हाल कहीं यहां न कर दे, इसलिए सरकार को संभल जाना चाहिए।
मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बांग्लादेश की स्थिति कैसे हुई, यह जो कभी-कभी हुकूमत अपने आप को मालिक समझ बैठती हैं और वह उस तरह के कानून बनाती है या जनता का मजाक उड़ाती है, तब यह खामियाजा भुगतना पड़ता है। रिजर्वेशन को लेकर मैंने सरकार से कहा था और विपक्ष दोनों से उनकी राय पूछी थी। यहां भी रिजर्वेशन बहुत बड़ा मुद्दा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी आपत्ति जताई। कहा कि कोर्ट का आर्डर आया है, लेकिन जिस तरह सरकार और विपक्ष ने चुप्पी साध रखी है, इससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। मैं मानता हूं कि जब जनहित के मु्द्दों पर सरकार विफल होगी, तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
‘अगर सरकार तानाशाही करेगी, तो जनता जवाब देगी’
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में बहुत बेरोजगारी है। महंगाई ने वहां भी नुकसान पहुंचाया था और इंडस्ट्री एरिया सब ठप हो गई थी, तो उसका खामियाजा जनता के विरोध के रूप में भुगतना पड़ा। बांग्लादेश हमारा पड़ोसी मुल्क है और उससे हमारे बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं। हमें ध्यान रखना चाहिए कि उसका किसी तरह का नुकसान हमारे देश में न हो और उस तरह की कोई आशंका या उस तरह की कोई मूवमेंट हमारे देश में न हो। चंद्रशेखर ने कहा कि विरोध को कुचलने की बजाय सरकार को उस पर चर्चा करके कम करने का काम करना चाहिए। अगर सरकार तानाशाही करेगी, तो जनता जवाब देगी।
‘सरकार को कोई चीज थोपनी नहीं चाहिए’
नगीना सांसद ने कहा कि दूसरे देशों से जब आजादी की लड़ाई चली, तो बहुत सारे देशों ने अपने मुल्क को आजाद कराने के लिए संघर्ष करना शुरू किया। उसका एक एहसास हमारे यहां भी था। उन्होंने कहा कि जब कहीं से किसी चीज को बहुत ज्यादा बढ़ावा मिलता है, तो फिर जनता में आक्रोश पैदा होता है, लेकिन हमारे यहां लोग बहुत शांति प्रिय और संविधान को मानने वाले लोग हैं, तो इस तरह की आशंका नहीं है। कहा कि कई ऐसे विषय हैं, जिससे जनता में आक्रोश है। जैसे अग्निवीर को लेके, किसानों को लेकर, शेड्यूल कास्ट की आर्थिक स्थिति को लेकर लोगों में गुस्सा है। सरकारों को इनके हितों का ध्यान रखना चाहिए। इन पर कोई चीज थोपनी नहीं चाहिए, चर्चा करनी चाहिए।
