16.7 C
London
Wednesday, April 29, 2026
HomeUncategorizedईपीएफओ के इस आंकड़े से क्‍यों कम होगी सरकार की टेंशन? आगे...

ईपीएफओ के इस आंकड़े से क्‍यों कम होगी सरकार की टेंशन? आगे की स्‍ट्रैटेजी बनाने में म‍िलेगी मदद

Published on

नई दिल्ली:

देश में संगठित क्षेत्र में नौकरियां बढ़ी हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने जून में शुद्ध रूप से 19.29 लाख सदस्यों को जोड़ा है। श्रम मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर शुद्ध रूप से जोड़े गए सदस्यों में बीते साल जून के मुकाबले 7.86 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय ने कहा कि ईपीएफओ से जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या में बढ़ोतरी के कई कारण हैं। इसमें रोजगार के अवसरों में वृद्धि, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के प्रचार-प्रसार कार्यक्रम शामिल हैं।

10.25 लाख नए सदस्य जुड़े
आंकड़ों से पता चलता है कि जून, 2024 के दौरान लगभग 10.25 लाख नए सदस्य जुड़े। यह मई में जुड़े नए सदस्यों के मुकाबले 4.08 फीसदी अधिक है। जबकि बीते साल जून के मुकाबले 1.05 फीसदी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, इसमें 18-25 आयु वाले युवाओं का दबदबा रहा। यह जून में जुड़े कुल नए सदस्यों का 59.14 फीसदी है।

यह पहले के रुख के अनुरूप है। जो बताता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले ज्यादातर युवा हैं। खासकर ये वे लोग हैं, जिन्हें पहली बार नौकरी मिली है। नियमित वेतन पर रखे जाने वाले (पेरोल) कर्मचारियों के आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 14.15 लाख सदस्य ईपीएफओ से बाहर निकले और बाद में फिर से उससे जुड़े। यह आंकड़ा जून, 2023 की तुलना में सालाना आधार पर 11.79 फीसदी अधिक है।

नए सदस्यों में से लगभग 2.98 लाख महिलाएं
ये वे सदस्य हैं, जिन्होंने अपनी नौकरी बदल ली और भविष्य निधि को निकालने के बजाय उसे अपने नए संस्थान में स्थानांतरित करने का विकल्प चुना। स्त्री-पुरुष के आधार पर आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि महीने के दौरान जोड़े गए नए सदस्यों में से लगभग 2.98 लाख महिलाएं हैं।

यह आंकड़ा बीते वर्ष जून की तुलना में 5.88 फीसदी अधिक है। साथ ही, आलोच्य महीने में शुद्ध रूप से 4.28 लाख महिला सदस्यों को इससे जोड़ा गया। यह सालाना आधार पर 8.91 फीसदी अधिक है। पेरोल आंकड़े के राज्य-वार विश्लेषण से पता चलता है कि शुद्ध रूप से सदस्यों में वृद्धि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और हरियाणा में सबसे अधिक है। शुद्ध रूप से सदस्यों की वृद्धि में इन राज्यों का योगदान लगभग 61.16 फीसदी है।

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...