2.4 C
London
Sunday, March 15, 2026
HomeUncategorizedइंदिरा गांधी ने नहीं किया असल संघर्ष, अहंकार में फैसले लिए... 'इमरजेंसी'...

इंदिरा गांधी ने नहीं किया असल संघर्ष, अहंकार में फैसले लिए… ‘इमरजेंसी’ की रिलीज से पहले बोली कंगना रनौत

Published on

कंगना रनौत इस वक्त अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर चर्चा में हैं, जो 6 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभा रहीं कंगना ने उन्हें लेकर ऐसा बयान दिया है, जो सुर्खियों में हैं। कंगना ने कहा है कि इंदिरा गांधी का संघर्ष असली नहीं था, बल्कि मनगढ़ंत था। उन्होंने जो भी फैसले लिए वो अहंकार में आकर लिए। कंगना रनौत के मुताबिक, उन्हें इंदिरा गांधी की यही बात गलत लगी। कंगना ने कहा कि इंदिरा गांधी एक विशेषाधिकार प्राप्त और नेपोटिजम वाले बैकग्राउंड से थीं, पर फिर भी वह खुद को साबित करने के लिए दृढ़ थीं। लेकिन उनमें अपना पद संभाल पाने के बराबर मैच्योरिटी नहीं थी।

Emergency को कंगना रनौत ने ही डायरेक्ट किया है और यह 25 जून 1975 को लगे आपातकाल पर आधारित है, जिसे 21 महीने बाद हटाया गया था। इस आपातकाल यानी इमरजेंसी को देश में इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद लगाया गया था, जिसमें इंदिरा गांधी को दोषी ठहराया गया था।

कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी को बताया नेपोटिजम वाली
‘बॉलीवुड हंगामा’ को दिए इंटरव्यू में कंगना रनौत ने बताया कि उन्हें इंदिरा गांधी की क्या खूबियां पसंद थीं और कौन सी बातें पसंद नहीं आईं। कंगना ने कहा, ‘एक बात जो मुझे उनके बारे में वास्तव में पसंद आई, वह यह थी कि उनके पास विशेषाधिकार थे, बेशक वो नेपोटिजम वाले बैकग्राउंड थीं। आखिरकार वह पीएम की बेटी थीं। उन्होंने अपने पिता के कार्यकाल के दौरान आधिकारिक पदों पर काम किया था। मेरा मतलब है राजनीति में किसी को इससे अधिक विशेषाधिकार क्या मिल सकता है? इसके बावजूद वह खुद को साबित करने पर डटी हुई थीं। उनका दृढ़ संकल्प था कि मुझे खुद को साबित करना है। यह तारीफ के काबिल था। उन्हें भले ही बहुत सारे विशेषाधिकार मिले हों, पर जब भी उनकी आलोचना हुई, उन्होंने खुद को साबित किया और वह पूरी तरह से विजेता बनकर उभरीं।’

‘इंदिरा गांधी ने अहंकार में लिए फैसले, वो गलत था’
कंगना ने आगे कहा, ‘इंदिरा गांधी के बारे में नेगेटिव बात यह थी कि उनकी स्ट्रगल असली नहीं थीं, वो बनाई गई थीं। किसी की मनगढ़ंत स्ट्रगल वास्तविक नहीं हो सकती। सच यह है कि उन्हें अपने जीवन में किसी भी तरह के प्राकृतिक संघर्ष का सामना नहीं करना पड़ा। इससे निपटने के लिए वह किसी मैच्योर इंसान की तरह नहीं सोच रही थीं, बल्कि वह उस जोन में थीं, जहां वह पीएम की बेटी के रूप में सोच रही थीं। यह अच्छी बात नहीं थी क्योंकि जब आप उस कुर्सी पर होते हैं तो आपको निस्वार्थ होने की जरूरत होती है। आप अहंकार की जगह से काम नहीं कर सकते।’

Latest articles

खण्डेलवाल परिवार के दुख में शामिल हुए सांसद आलोक शर्मा, दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा के सांसद श्री आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय...

नंबर टू उद्योगपति लेंगे राजधानी की सबसे कीमती जमीन, भेल का भी नंबर लग सकता है!

भोपाल! भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार देश के ‘नंबर टू’ उद्योगपति अब भोपाल की फिजाओं में...

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...