2 C
London
Sunday, March 15, 2026
HomeUncategorizedपिता के हाथों झेला शोषण, क्यों सालों चुप रही एक्ट्रेस? बोलीं- मुझे...

पिता के हाथों झेला शोषण, क्यों सालों चुप रही एक्ट्रेस? बोलीं- मुझे उस शख्स से…

Published on

जस्टिस हेमा कमिटी रिपोर्ट के सामने आने के बाद मलयालम इंडस्ट्री में हंगामा मच गया है. इस रिपोर्ट के बाद से कई एक्ट्रेस और फिल्म इंडस्ट्री की अन्य महिलाओं ने अपने साथ हुए शारीरिक, यौन और मानसिक शोषण को लेकर बात की है. कई मेल कलाकारों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अब इसे लेकर एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं खुशबू सुंदर ने बात की है.

खुशबू सुंदर ने लिखी पोस्ट
खुशबू सुंदर ने X पर एक लंबी पोस्ट लिखी है. उन्होंने लिखा, ‘उन महिलाओं की हिम्मत की दाद देनी होगी जो अपनी बात पर अड़ी रहीं और जीत हासिल की. हेमा कमिटी शोषण से एक जरूरी ब्रेक था. शोषण, सेक्शुअल फेवर मांगना, महिलाओं को कॉम्प्रोमाइज करने के लिए बोलना ताकि उन्हें दबाया जा सके या फिर उनके करियर को आगे बढ़ाया जा सके, ये सब हर फील्ड में होता है. एक महिला को ही इस सबसे क्यों गुजरना पड़ता है? हालांकि मर्दों को भी इसका सामना करना होता है. लेकिन ज्यादातर ये चीजें महिलाओं के साथ ही होती हैं.’

एक्ट्रेस ने इस बात पर जोर डाला कि आपको अपनी आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने लिखा, ‘इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप आज बोलते हैं या कल, बस आवाज उठाइए. आवाज उठाने से आपकी इन चीजों से उबरने में मदद होगी और इसकी बेहतर जांच भी हो पाएगी. अपने पोस्ट में खुशबू सुंदर ने लोगों से दरख्वास्त की कि वो पीड़िताओं को दोषी न ठहराएं और न ही उन्हें शेम करें. न ही उनसे ऐसे सवाल करें कि ‘तुमने ये क्यों किया?’, ‘तुम्हें इसकी क्या जरूरत थी?’ ऐसे सवाल पूछने से पीड़िता और टूटती है. उन्होंने कहा कि भले ही पीड़िता आपके लिए अजनबी हो, लेकिन उसे आपके सपोर्ट की जरूरत है.

इस बीच एक्ट्रेस ने अपना उदाहरण भी दिया. उन्होंने लिखा, ‘कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि मैंने अपने पिता के हाथों झेली एब्यूज के खिलाफ आवाज उठाने में इतना वक्त क्यों लिया. मैं मानती हूं कि मुझे पहले कहना चाहिए था. लेकिन जो मेरे साथ हुआ वो मेरे करियर को आगे बढ़ाने के लिए कॉम्प्रोमाइज नहीं था. मुझे उस शख्स के हाथों शोषण झेलना पड़ा जिन्हें मुझे गिरने से बचाने वाले सबसे ताकतवर हाथ होना चाहिए थे.’

एक्ट्रेस ने पुरुषों से भी पीड़िताओं को सपोर्ट करने का आग्रह किया. अंत में उन्होंने लिखा, ‘ये सभी के लिए आंखें खोलने वाली चीज होनी चाहिए. शोषण को यही खत्म करते हैं. महिलाओं, सामने आओ और आवाज उठाओ. याद रखो कि आपके पास जिंदगी में हमेशा चॉइस होगी. आपकी न का मलतब हर तरह से न है. अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा के साथ कभी भी समायोजन या समझौता न करें. कभी भी नहीं.’

Latest articles

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

बीएचएल (BHEL) की जमीन पर बड़े उद्योगपति की नजर, नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट

भेल, भोपाल। भोपाल से खबर है कि देश के दूसरे सबसे बड़े उद्योगपति की शहर...

बैरसिया तहसील में एसडीएम ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने ग्रामीण वितरक एजेंसियों  का निरीक्षण किया

कलेक्टर  कौशलेंद्र विक्रम  सिंह के निर्देशानुसार घरेलू एलपीजी गैस की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...