नई दिल्ली
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दूर की बात करते हैं। उनकी सलाह न मानकर एक प्रमुख भारतीय कार निर्माता कंपनी को बाद में पछताना पड़ा। गडकरी ने बताया कि यह कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने की उनकी सलाह को नजरअंदाज कर रही थी। अब उस कंपनी को अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ACMA के 64वें वार्षिक सत्र में यह बात कही। वैसे तो उन्होंने कंपनी का नाम नहीं लिया। लेकिन, माना जा रहा है कि वह देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की बात कर रहे थे। गडकरी ने कहा कि जो कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहन जैसी नई तकनीकों को नहीं अपनाएंगी, वे भविष्य में पिछड़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी तकनीकों को अपनाने की जरूरत है जो सस्ती और पर्यावरण अनुकूल हों। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उसे भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नितिन गडकरी ने बताई वो कहानी
इसी कड़ी में गडकरी ने बताया, ‘ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा नाम मेरा अच्छा दोस्त है… मैं उसे हमेशा से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने के लिए कहता रहा, लेकिन उसने कभी मेरी बात नहीं मानी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अब मेरा दोस्त मुझसे कहता है कि उस समय हमने आपकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया क्योंकि राजनेताओं के साथ हमारा अनुभव अच्छा नहीं रहा।’
मारुति सुजुकी पर ईवी बाजार में धीमी प्रतिक्रिया को लेकर दबाव बढ़ रहा है। भारत में ईवी बाजार तेजी से बढ़ रहा है। 2023 में यह 50% बढ़कर 15 लाख यूनिट तक पहुंच गया है। इसके बावजूद, मारुति सुजुकी ने हाल ही में मार्च 2025 तक अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार eVX लॉन्च करने की योजना की घोषणा की है।
कंपनी इसके बजाय अच्छी हाइब्रिड तकनीक को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है। कंपनी का कहना है कि यह ईंधन की खपत और उत्सर्जन के मामले में बेहतर समाधान है। इसमें इलेक्ट्रिक कारों की तरह बैटरी चार्ज करने की जरूरत नहीं होती है। मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा सीएनजी, इथेनॉल, बायोगैस और अन्य वाहनों को अपनाने का आह्वान किया है।
कई लोगों को ठीक नहीं लगी है मारुति सुजुकी की रणनीति
हालांकि, कई लोगों को यह रणनीति ठीक नहीं लगी है। उनका मानना है कि यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में अनिच्छा दर्शाता है। स्ट्रांग हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। खासतौर से फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) योजना को बंद करने के बाद से ऐसा हुआ है। इसके चलते लगातार चार महीनों से इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है।
मारुति सुजुकी की eVX में 60 kWh का बैटरी पैक होगा। यह एक बार चार्ज करने पर 550 किमी की दूरी तय कर सकेगा। इस मॉडल का उत्पादन कंपनी के सुजुकी मोटर गुजरात हंसलपुर प्लांट में किया जाएगा। इसे दूसरे देशों में भी भेजा जाएगा।
2030 तक एक करोड़ यूनिट सालाना बिक्री के आंकड़े को छुएगा भारत
नितिन गडकरी ने मंगलवार को यह भी कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार 2030 तक एक करोड़ यूनिट सालाना बिक्री के आंकड़े को छू लेगा। इससे पांच करोड़ नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भविष्य में दुनिया का शीर्ष ऑटोमोबाइल हब बनेगा। वह यह भी बोले कि लिथियम-आयन बैटरियों की लागत में और कमी आने की उम्मीद है। इससे किफायत में मदद मिलेगी। इस तरह बड़े पैमाने पर इसकी स्वीकार्यता में तेजी आएगी।
