ढाका
शेख हसीना के देश छोड़ने के एक महीने के बाद ही बांग्लादेश अब चीन के सामने गिड़गिड़ाने लगा है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चीन से मौजूदा कर्ज पर ब्याज दर को घटाकर एक प्रतिशत करने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही कर्ज को चुकाने की अवधि को 30 वर्ष तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट ‘दे डेली स्टार’ ने बताया है कि बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय के आर्थिक संबंध प्रभाग (ERD) ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस संबंध में बीजिंग को एक पत्र भेजा है। वर्तमान में चीनी कर्ज पर ब्याज दर 2-3 प्रतिशत के बीच है, जिसे 20 साल में चुकाया जाना है।
डेली स्टार ने ईआरडी के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बांग्लादेश चीन से नए कर्ज की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने कहा, अगर वर्तमान चीनी कर्ज के लिए ब्याज दर में कटौती सुनिश्चित नहीं कर पाते हैं, तो वे नए अधिक समय सीमा में चुकाने की शर्तों के साथ नए चीनी ऋण के लिए कोशिश करेंगे। शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश अस्थिरता से जूझ रहा है। देश पर विदेशी कर्ज का दबाव बढ़ रहा है।
घट रहा बांग्लादेश का विदेशी भंडार
इसी सप्ताह बुधवार को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि बांग्लादेश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घट रहा है। इस पर दबाव को कम करने के लिए बांग्लादेश विदेशी कर्ज के लिए कम ब्याज दर और विस्तारित पुनर्भुगतान की मांग कर रहा है।
बांग्लादेश ने किया चीन से अनुरोध
प्रोफेसर यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश ने चीन से अपने कर्जों पर ब्याज दरों को कम करने और पुनर्भुगतान अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। अक्टूबर 2016 में बांग्लादेश की अपनी यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 27 परियोजनाओं को लागू करने के लिए अगले चार साल में 20 अरब डॉलर देने का वादा किया था। बांग्लादेश को किसी देश की तरफ से प्रतिबद्ध यह सबसे बड़ी राशि है। ईआरडी के आंकड़ों के अनुसार, इस जनवरी तक ढाका और बीजिंग केवल 9 परियोजनाओं पर समझौता करने में सफल रहे थे, जिनकी कुल राशि 8.08 अरब डॉलर थी। इसके में बांग्लादेश केवल 4.91 अरब डॉलर ही इस्तेमाल कर सका है।
रूस से भी कर्ज माफी की गुहार
मोहम्मद यूनुस ने बताया कि बांग्लादेश ने रूस से भी ब्याज दरों को कम करने और विस्तारित पुनर्भुगतान की मंजूरी देने की गुहार लगाई है। यूनुस ने कहा कि सरकार रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र और बकाया ऋणों के लिए अग्रिम भुगतान के संबंध में रूस के साथ बातचीत कर रही थी। ढाका ने परमाणु संयंत्र के लिए रूस से 11.38 अरब डॉलर का कर्ज लिया है, जो परियोजना लागता का 90 प्रतिशत कवर करता है। इसके अलावा बांग्लादेश ने परियोजना के प्राथमिक कार्य के लिए 50 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त कर्ज भी लिया है।
