नई दिल्ली,
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने लाइव स्ट्रीमिंग रोकने की कपिल सिब्बल की अपील सिरे से खारिज कर दी है. सिब्बल का कहना था कि पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट में हंसने के आरोप पर पीठ की टिप्पणी से उनकी पचास साल की साख और छवि धूमिल हुई है क्योंकि वो हंसे ही नहीं थे. लिहाजा इस मुकदमे की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाई जाए.
पीठ के सामने मंगलवार को जांच के लिए सबूत मुहैया कराने पर ही बहस हुई. कोलकाता पुलिस ने कहा कि हमने 8 घंटों की सीसीटीवी फुटेज सीबीआई को दी है. जबकि सीबीआई का कहना था कि 27 मिनट की क्लिप है. पीठ ने कहा कि सबसे पहले हम सीबीआई की रिपोर्ट देखना चाहते हैं.
कपिल सिब्बल ने की लाइव स्ट्रीमिंग रोकने की मांग
पश्चिम बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मामले की सुनवाई से पहले 5 मिनट पहले हमें सुन लें. हमारा आग्रह इस मामले की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर है क्योंकि आप अगर कोई कमेंट करते हैं तो मेरी 50 साल की प्रतिष्ठा पर सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे बंगाल सरकार का पक्ष रखकर हम गुनाहगारों की तरफ खड़े हो गए हैं. मेरी 50 साल की प्रतिष्ठा रातोंरात नष्ट हो रही है.
‘हम लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक नहीं लगाएंगे’
उन्होंने कहा कि मीडिया में कहा जा रहा है कि मैं सुनवाई के दौरान हंस रहा था. जबकि मैं कभी नहीं हंसा और लोग उसे चला रहे थे. ये बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है. लिहाजा इस मामले की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाई जाए. सीजेआई ने कहा, ‘नहीं, हम लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक नहीं लगाएंगे.’
इसके बाद सीजेआई ने कहा कि हम सबसे पहले सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट देखेंगे. सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि आरोप पत्र दाखिल करने के लिए इस मामले में कितनी समय सीमा है? SG तुषार मेहता ने जवाब दिया कि नए कानून के मुताबिक रेप के मामले में 60 दिन, लेकिन यहां रेप एंड मर्डर है इस लिए 90 दिनों में आरोप पत्र दाखिल करना है.
CJI ने कहा कि इस मामले में जांच तेजी से चल रही है. सीबीआई उन सभी पहलुओं पर जांच कर रही है जिसको लेकर पिछली सुनवाई में बात हुई थी. चाहे वो चालान हो या किसी क्राइम सीन को नुकसान पहुंचाना आदि. उन्होंने कहा कि SG ने रिपोर्ट सौंप दी है. लिहाजा हम उन्हें सुनेंगे.
‘हमें सीबीआई को पर्याप्त समय देना होगा’
तब SG ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल करते समय हम बेहद सावधानी बरतेंगे. इस मामले से जुड़े पक्षकारों की वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि हम उन लोगों के नाम सील कवर में सीबीआई को देंगे जो क्राइम सीन पर वहां मौजूद थे. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच से संतुष्टि जताई. सीजेआई ने कहा कि जांच पूरी करने के लिए अभी भी समय है. हमें सीबीआई को पर्याप्त समय देना होगा. वे सो नहीं रहे हैं. उन्हें सच्चाई सामने लाने के लिए समय दिया जाना चाहिए.
