भोपाल।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गोंडवाना मातृशक्ति ट्राइबल फाऊंडेशन भेल भोपाल (म0प्र0) गौरा ईसर मड़मिंग (विवाह महापर्व )तीन दिवसीय महान पावन पर्व तय तिथिनुसार बहुत धूमधाम से संपन्न हुआ। इस महापर्व का उद्देश्य समाज में प्रेम और संतुलन को बढ़ावा देना है ।साथ ही प्रकृति और मानव के बीच सामंजस्य एवं संतुलन बनाए रखना भी है आज जिस रूप में प्रकृति का दोहन हो रहा है, उसका संरक्षण करना हम इस पर्व के माध्यम से सीखते हैं । समस्त वनस्पतियों को संरक्षित करना यह महापर्व हमें सिखाता है।
यह पर्व माँ गवरा और ईसर देव के विवाह का महापर्व है ।यह पर्व शुभ विवाह और पारिवारिक जीवन की समृद्धि का प्रतीक है। इसे फसलों की कटाई के बाद अच्छी पैदावार के लिए खुशी-खुशी मनाया जाता है ।नृत्य ,गीत ,ढोलक ,मांदर की धुन में विशिष्ट अनुष्ठान और पदयात्रा एवं कलश यात्रा की जाती है। इस पर्व के माध्यम से समस्त सगाजन ईशर देव और गवरा माता से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं ताकि उनके जीवन में सुख शांति और समृद्धि बनी रहे ।
यह पर्व न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य प्रदेश के विभिन्न राज्यों जैसे- झारखंड, उड़ीसा में भी अलग-अलग नामों के साथ मनाया जाता है। जिसकी जानकारी लोक कथाओं के माध्यम से होती है। यह पर्व छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और धार्मिक अनुष्ठानों का प्रतिबिंब है ।और सामाजिक तथा सांस्कृतिक एकता का परिचायक भी है। यह पर्व न सिर्फ हमारे देवी देवताओं की अटूट आस्था एवं भक्ति का प्रतीक है बल्कि समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना को विकसित करता है।
