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धोनी का दिल जीत गया 17 साल का बैटर, IPL नीलामी में खरीदेगी चेन्नई सुपरकिंग्स!

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) में मेगा ऑक्शन की तैयारियां पूरी हो चुकी है। सारी फ्रैंचाइजी अपने प्लेयर्स रिटेन कर चुकी हैं। यूएई के जेद्दा में 24 और 25 नवंबर को मेगा ऑक्शन होना है, इन टीमों की प्लानिंग भी लगभग तय है। बिग प्लेयर्स को रिटेन करने में फ्रैंचाइजी पहले ही मोटी रकम खर्च कर चुकी है, ऐसे में अनकैप्ड प्लेयर्स की ऑक्शन में चांदी हो सकती है। आयुष म्हात्रे मुंबई की ऐसी ही एक युवा प्रतिभा है, जिन्होंने दिग्गज एमएस धोनी का ध्यान खींचा है।

घरेलू क्रिकेट में जबरदस्त रिकॉर्ड
आयुष म्हात्रे को नीलामी से पहलेचेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने ट्रायल के लिए बुलाया है। 17 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल ही में खेले गए हुए ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ मुंबई के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने पांच प्रथम श्रेणी मैच में 35.66 की औसत से 321 रन बनाकर अपने टैलेंट का लोहा मनवाया था। ईरानी कप में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया। रणजी ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ बीकेसी मैदान पर 176 रन की जोरदार पारी खेली।

CSK के सीइओ ने लिखा लेटर
चेन्नई सुपरकिंग्स के एमडी और सीईओ कासी विश्वनाथ ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अभय हडैप को छह दिन के अंतराल में म्हात्रे को सीएसके के साथ ट्रायल के लिए उपस्थित होने की अनुमति देने के लिए एक ईमेल भेजा है। इससे पहले चेन्नई सुपरकिंग्स फ्रैंचाइजी ने अपने कोर के साथ ज्यादा खिलवाड़ न करते हुए आईपीएल 2025 मेगा नीलामी से पहले पांच खिलाड़ियों को रिटेन किया। सीएसके के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ को सबसे ज्यादा 18 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया। पूर्व कप्तान एमएस धोनी को अनोखे नियम के तहत बतौर अनकैप्ड प्लेयर रिटेन कर लिया गया। माही को चेन्नई ने चार करोड़ रुपये में अपने साथ बरकरार रखा।

विरार की गलियों से निकलकर IPL में छाने को तैयार
आयुष म्हात्रे मुंबई से सटे ठाणे जिले के एक शहर विरार के रहने वाले हैं। 17 साल के म्हात्रे की कहानी संघर्षों से भरी हुई है। प्रैक्टिस के लिए रोज 46 किलोमीटर दूर आने के लिए उन्हें सुबह पांच बजे की ट्रेन पर सवार होना पड़ता है। जिसकी तैयारी तड़के सवा चार बजे के आसपास ही शुरू हो जाती है। यह एक ऐसी दिनचर्या थी, जिसके पीछे उनका दादा की भी मेहनत थी। अपने रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी दादा की लगन और त्याग को यादकर आयुष कहते हैं, ‘वह मेरे नाना थे जो अभ्यास के लिए हर दिन मेरे साथ मुंबई के मैदानों में जाते थे।’

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