नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और मंत्री रहे कैलाश गहलोत ने आखिरकार कमल का दामन थाम ही लिया। कैलाश गहलोत ने AAP छोड़ने के 24 घंटे के भीतर ही बीजेपी की सदस्यता ले ली। कैलाश के बीजेपी में शामिल होने से बीजेपी गदगद है। इसका अंदाजा दिल्ली बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के बयान से ही लगाया जा सकता है।
बीजेपी में स्वागत है…
कैलाश गहलोत के बीजेपी में शामिल होने पर दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उनका स्वागत किया। सचदेवा ने कहा कि कैलाश गहलोत युवाओं और गांव देहात में बेहतरीन काम के लिए जाने जाते हैं। गहलोत गांव-देहात के बड़े चेहरे के रूप में बीजेपी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि कैलाश गहलोत का अनुभव बीजेपी के साथ मिलकर दिल्ली की जनता के लिए उपयोगी होगा। कैलाश गहलोत ने इस मौके पर कहा कि वह बिना किसी दबाव के बीजेपी में शामिल हुए हैं। वे सेवा के लिए राजनीति में आए थे। अब बीजेपी की तरफ से उन्हें जो भी भूमिका दी जाएगी उसको निभाएंगे।
मैनें किसी दबाव में आकर इस्तीफा नहीं दिया। ईडी और सीबीआई के दबाव की बात गलत है। मैंने किसी दबाव में आकर यह फैसला नहीं लिया है। आम आदमी पार्टी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था।
कैलाश गहलोत, बीजेपी नेता
जाट वोटरों का मिलेगा समर्थन
कैलाश गहलोत जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। गहलोत दिल्ली के नजफगढ़ से दो बार विधायक रहे हैं। माना जा रहा है कि कैलाश गहलोत के पार्टी में आने के बाद बीजेपी को दिल्ली देहात में जाट वोटरों का समर्थन मिल सकता है। ऐसे में बीजेपी को दिल्ली देहात में आप पर कुछ बढ़त मिल सकती है। दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गहलोत को अच्छा प्रशासनिक अनुभव है। गहलोत ने परिवहन मंत्रालय के साथ ही महिला एंव बाल विकास मंत्रालय भी संभाला है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी सरकार की कई महत्वपूर्ण स्कीमों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है।
बता दें कि कैलाश गहलोत ने AAP पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि एक और दर्दनाक बात यह है कि लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने के बजाय हम केवल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए लड़ रहे हैं, इससे दिल्ली के लोगों को बुनियादी सेवाएं प्रदान करने में भी कठिनाई हो रही है… मैंने अपनी राजनीतिक यात्रा दिल्ली के लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता के साथ शुरू की थी और मैं ऐसा करना जारी रखना चाहता हूं, यही कारण है कि मेरे पास किसी भी पार्टी से अलग होने का कोई विकल्प नहीं बचा है और मैं आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं.
बता दें कि नजफगढ़ से विधायक गहलोत ने रविवार को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था. वह गृह, प्रशासनिक सुधार, आईटी और महिला एवं बाल विकास विभागों के प्रभारी थे. यह घटनाक्रम दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है, जो फरवरी में होने हैं.
