मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर आए एग्जिट पोल के अनुमान अगर नतीजों में परिवर्तित हुए तो उद्धव ठाकरे के फिर सीएम बनने का सपना टूट सकता है। महाराष्ट्र के ज्यादातर एग्जिट पोल में महायुति की सरकार बनने का अनुमान व्यक्त किया गया है। लोकशाही मराठी रुद्रा को एग्जिट पोल को छोड़कर सभी महायुति को बहुमत दिया गया है। रुद्रा के सर्वे में महायुति और एमवीए को बराबरी पर दिखाया गया है। महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों को उद्धव ठाकरे के काफी अहम माना जा रहा था। एमवीए की तरफ से वह सीएम पद के सबसे बड़े दावेदार थे। चुनाव प्रचार के दौरान आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने उद्धव ठाकरे को सीएम फेस घोषित करने की मांग भी बुलंद की थी। चुनावों में महायुति की तरफ कैंपेन को ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ और एक हैं तो सेफ हैं स्लोगन पर फोकस किया गया था। बीजेपी के हिंदुत्व को काउंटर करने का दराेमदार उद्धव ठाकरे के ऊपर था। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो निश्चित तौर पर बीजेपी अपने इन नारों को जीत का श्रेय देगी।
| महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल 2024: देखें किसमें-किसकी सरकार? | कुल सीटें: 288 | बहुमत: 145 सीट | |
| सोर्स | महायुति यानी एनडीए | एमवीए/इंडिया अलायंस | अन्य |
| चाणक्या स्ट्रैटीज | 152-160 | 130-138 | 6-8 |
| लोकशाही मराठी रुद्रा | 128-142 | 125-140 | 18-23 |
| मैटराइज | 150-170 | 110-130 | 8-10 |
| P-Marq | 137-157 | 126-146 | 2-8 |
| पीपुल्स पल्स | 175-195 | 85-112 | 7-12 |
कौन कितनी सीटों पर लड़ा था चुनाव?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी 149, शिवसेना 86, अजित पवार की एनसीपी 59 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस 101, उद्धव ठाकरे की शिवसेना 95 और शरद पवार की एनसीपी ने 86 कैंडिडेट उतारे थे। एमवीए में उद्धव ठाकरे और शरद पवार को एकनाथ शिंदे और अजित पवार की अपेक्षा अधिक सीटें मिली थीं। लोकसभा चुनावों में एमवीए में सर्वाधिक सीटें पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना लड़ी थी और 09 सीटों जीती थी। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की पार्टी में अधिक बगावत सामने आई थी। इन दोनों पार्टियों ने इसके बाद बागियों पर कार्रवाई की थी। 2019 के चुनावों में कांग्रेस को 42, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना को 63 और शरद पवार की एनसीपी को 54 सीटें मिली थीं। ऐसे में तीनों दलों के सामने अपनी टैली को इस अधिक रखने की चुनौती है।
उद्धव ठाकरे पकड़ होगी कमजोर
अगर विधानसभा चुनावों में एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं तो आने वाले महीने में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना की बीएमसी पर भी पकड़ कमजोर होगी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में मुंबई समेत दूसरे बड़े शहरों में नगर पालिका के चुनाव होने हैं। बीएमसी में लंबे समय से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना का दबदबा है। एमवीए में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे और शरद पवार में जिसका प्रदर्शन कमजोर होगा। उसकी हैसियत कमजोर होगी। इतना ही एमवीए में झगड़ा भी बढ़ सकता है।
