भेल भोपाल।
रायसेन रोड सज्जन सिंह पटेल नगर स्थित एनआरआई लक्ष्मी पद्मावती वेंकटेश बालाजी हनुमान एवं गरुण मंदिर में आयोजित किए जा रहे छह दिवसीय ब्रह्मेउत्सव का आज पाचवां दिन था। श्री श्री श्री त्रिदंडी श्रीमन नारायण रामानुज श्रीनगर स्वामी जी मंदिर प्रांगण मे उपस्थित थे। जिससे सुबह से ही मंदिर में भक्तों के बीच बड़ा उत्साह था। सुबह बालाजी भगवान को प्रार्थना आराधना से जगाया गया। बालाजी महाराज का मनमोहक श्रंगार किया गया। यज्ञशाला में सुदर्शन हवन व शांति पाठ का आयोजन किया गया। यज्ञशाला के सभी 4 द्वारों पर बलिदान किया गया। अग्निशांति के लिए हवन पूजा मे पूर्णाहुति दी गई।
बालाजी महाराज पालकी में सवार होकर मंदिर में परिक्रमा के लिए निकले। इस ब्रह्मेउत्सव के प्रधान कलश को 108 कलश के साथ रखा गया। भगवान बालाजी का 108 कलश से अभिषेक किया गया। इन कलशों में दूध दही मक्खन शकर शहद व घी से बालाजी का अभिषेक किया गया। पूजा के बाद प्रधान कलश बालाजी महाराज को अर्पित किया गया। बालाजी महाराज के साथ ही उनकी पत्नी श्री पद्मावती व माता गोदा देवी का बहुत ही मनमोहक श्रंगार किया गया।
श्री श्री श्री त्रिदंडी श्रीमन नारायण रामानुज श्रीनगर स्वामी जी ने भक्तों को प्रवचन भी दिया जिसमें उन्होंने बताया कि भारत क्यों विश्व गुरु कहलाता था और शिक्षा के महत्व को समझाया। शाम की पुजा मे विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ किया गया। झुलाउत्सव मे भगवान बालाजी को झूले मे बैठाकर झुलाया गया। व अंत मे मंदिर प्रांगण मे दीप प्रज्जलित कर दीपउत्सव मनाया गया। पूजा के संपूर्ण प्रोग्राम को दक्षिण भारतीय पद्धति से करवाया गया।
कल छह दिवसीय ब्रह्मेउत्सव का अंतिम दिन हैं। जिसमें मंदिर प्रांगण मे भगवान बालाजी पुष्करिणी स्थान करेगे। मंदिर के शीर्ष पे 12 साल पहले लगे कलश को हटाकर सुदर्शन च्रक की स्थापना की जायेगी। मंदिर के संरक्षक डी. सुबोध सिंह व श्रीमती जयश्री सिंह नें सभी भक्तों सें अनुग्रह किया है की मंदिर में पधार कर इस आयोजन का लाभ उठाएं।
