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संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 45 हजार किसान 2 दिसंबर को दिल्ली में संसद घेरेंगे! उच्च स्तरीय बैठक फेल

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नई दिल्ली,

अपनी मांगों के पूरा न होने पर किसानों ने एक बार फिर सड़कों पर उतरने की योजना बना ली है. सोमवार, 2 दिसंबर को ग्रेटर नोएडा के किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे. यहां के किसानों और प्राधिकरण के बीच लगभग 3 घंटे तक बैठक चली, लेकिन इस बैठक का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका. बैठक के बाद अब किसान अपनी मांगों को लेकर सोमवार (2 दिसंबर) को दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया है.

ये है किसानों की मांगें
किसानों का कहना था कि गोरखपुर में बन रहे हाईवे के लिए 4 गुना मुआवजा दिया गया, जबकि गौतमबुद्ध नगर को चार गुना मुआवजे के लाभ से वंचित रखा गया है. इसके अलावा 10 साल से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ा है. नए कानून के लाभ जिले में लागू करने पड़ेंगे. किसानों की प्रमुख मांगों में 10 फीसदी विकसित भूखंड, हाई पावर कमेटी की सिफारिशों और नए भूमि अधिग्रहण कानून के लाभ दिया जाना शामिल है. ये सारे निर्णय शासन स्तर पर लिए जाने हैं.

नहीं मांगी गईं मांगें
इस दौरान पुलिस, जिलाधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसानों की कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं. हालांकि, अधिकारियों ने किसानों की मांगों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया. किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों के बिना दिल्ली कूच करेंगे और यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो उनका आंदोलन और तेज हो सकता है.

6 दिसंबर को पंजाब-हरियाणा के किसान करेंगे कूच
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने रविवार को कहा कि पंजाब और हरियाणा के सीमा क्षेत्र पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता 6 दिसंबर को दिल्ली के लिए मार्च करेंगे. पंधेर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र ने अब तक किसानों से उनके मुद्दों पर बातचीत नहीं की है, जिसमें एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कानूनी गारंटी की मांग भी शामिल है.

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के तहत किसान 13 फरवरी से शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं, जब उनके दिल्ली मार्च को सुरक्षा बलों ने रोक दिया था. पंधेर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि किसान 293 दिनों से इन बॉर्डरों पर आंदोलन कर रहे हैं.

दिल्ली के लिए किसानों का मार्च
पंधेर ने बताया कि 6 दिसंबर को शंभू से दिल्ली की ओर किसानों का पहला जत्था रवाना होगा, जिसमें प्रमुख किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू, सुरिंदर सिंह चौटाला, सुरजीत सिंह फूल और बलजिंदर सिंह शामिल होंगे. इस जत्थे में शामिल किसान जरूरी सामान लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे और शांतिपूर्ण मार्च करेंगे. पंधेर ने बताया कि पहला जत्था अंबाला के जग्गी सिटी सेंटर, मोहरा अनाज मंडी, खानपुर जट्टन और हरियाणा के पिपली में रुकने के बाद दिल्ली की ओर बढ़ेगा. किसान 9 बजे सुबह से शाम 5 बजे तक चलेंगे और रात सड़क पर बिताएंगे.

केंद्र सरकार पर आरोप
पंधेर ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने 18 फरवरी के बाद से किसानों से कोई बातचीत नहीं की. उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार हमसे बातचीत करने से भाग रही है.” पंधेर ने केंद्र के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा, “कृषि क्षेत्र में अनुबंध खेती को हम स्वीकार नहीं करते. हम फसलों के लिए एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं.”

किसानों की अन्य मांगें
किसान आंदोलन के तहत, किसान ऋण माफी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में वृद्धि न करने, पुलिस मामलों की वापसी, 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों को न्याय, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की पुनर्स्थापना और 2020-21 के आंदोलन के दौरान शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं.

केरल, उत्तराखंड और तमिलनाडु में भी मार्च
किसान नेता गुरमनीत सिंह मंगत ने कहा कि जब दिल्ली की ओर पहला जत्था मार्च करेगा, तब केरल, उत्तराखंड और तमिलनाडु में भी किसान अपने-अपने राज्य विधानसभाओं की ओर मार्च करेंगे. इस बीच, किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, जो कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, अपना अनशन जारी रखे हुए हैं. उन्होंने जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक अनशन पर बैठने का फैसला कर रखा है.

गौतम बुद्ध नगर पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
किसानों के प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर, गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने सोमवार के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें. किसान नेता पंधेर और अन्य नेताओं ने सरकार से उनकी मांगों के समाधान की अपील की है, ताकि आंदोलन को खत्म किया जा सके और किसानों के मुद्दों का समाधान हो सके.

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 2 दिसंबर, 2024 को दिल्ली में किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने के संदर्भ में यातायात व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं. किसानों के इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली सीमा से लगे गौतमबुद्धनगर के सभी बॉर्डर पर बैरियर लगाकर सघन चेकिंग की जाएगी, जिससे यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है. ऐसे में पुलिस द्वारा यातायात डायवर्जन की जरूरत के अनुसार कदम उठाए जाएंगे.

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