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117 करोड़ के साइबर फ्रॉड केस में सीबीआई का एक्शन, दिल्ली-एनसीआर के 10 ठिकानों पर छापेमारी

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नई दिल्ली

सीबीआई ने 117 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में 10 ठिकानों पर छापेमारी की। CBI ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। FIR में कहा गया है कि देशभर में संगठित साइबर अपराधी और संदिग्ध विदेशी लोग इस धोखाधड़ी में शामिल हैं। ये अपराधी लोगों को पार्ट-टाइम नौकरी, टास्क-बेस्ड काम और निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर फंसाते हैं।

साइबर अपराध मामले में एक्शन
साइबर फ्रॉड का शिकार बने लोगों का जमा किया गया पैसा ‘म्यूल अकाउंट्स’ के नेटवर्क से ट्रांसफर किया जाता है। जिससे इन पैसों का सोर्स पता ना चल सके। ‘म्यूल’ बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति का ऐसा खाता होता है जिसका इस्तेमाल खाताधारक की अनभिज्ञता में वित्तीय गड़बड़ियों के लिए किया जाता है। गुरुग्राम में दो और दिल्ली में आठ जगहों पर छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान और फाइनेंशियल रिकॉर्ड जैसे सबूत मिले हैं।

दिल्ली-एनसीआर में 10 जगहों पर छापेमारी
सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में 10 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी ₹117 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी मामले से जुड़ी है। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि जांच में पता चला है कि विदेशों से काम करने वाले धोखेबाज भारत में लोगों को निशाना बनाने के लिए वेबसाइट, WhatsApp और Telegram जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इन जगहों पर छापेमारी में 10 लोगों पर धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है।

सितंबर में भी हुई थी 32 जगहों पर छापेमारी
सितंबर में भी CBI ने अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ देशभर में 32 जगहों पर छापेमारी की थी। इन जगहों में पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम शामिल थे। सीबीआई ने जांच में पाया कि पुणे, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के चार कॉल सेंटरों में लगभग 170 लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल थे।

एजेंसी ने सितंबर में 26 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से 10 पुणे से, 5 हैदराबाद से और 11 विशाखापत्तनम से थे। CBI ने 951 सामान, जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, लैपटॉप, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, कम्यूनिकेशन रिकॉर्ड और 58.45 लाख रुपये नकद, लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की थीं।

कैसे होता है वित्तीय फ्रॉड, अफसरों ने बताया
अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली शिकायत के आधार पर दर्ज किए गए मामले की जांच के तहत यह छापेमारी की गई। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि अज्ञात संगठित साइबर अपराधी और संदिग्ध विदेशी ठग पूरे भारत में सुनियोजित वित्तीय फ्रॉड में लगे हुए हैं।

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