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क्या केजरीवाल से अपनी मां की हार का बदला लेंगे संदीप दीक्षित? कांग्रेस ने नई दिल्ली से टिकट देकर खेल दिया बड़ा दांव

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नई दिल्ली

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस ने नई दिल्ली सीट से संदीप दीक्षित को मैदान में उतारा है। नई दिल्ली सीट सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है। अरविंद केजरीवाल भी इस सीट से ही चुनाव लड़ सकते हैं, यह उनकी पारंपरिक सीट रही है जहां से साल 2013 से वह तीन बार लड़े हैं और हर बार जीते हैं। हालांकि आप ने अब तक इस सीट पर अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। संदीप दीक्षित पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे हैं। शीला दीक्षित 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। लेकिन 2013 में आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उन्हें इसी सीट पर शिकस्त दी थी।

क्या मां की हार का बदला लेंगे संदीप?
कांग्रेस ने संदीप दीक्षित को केजरीवाल के सामने उतार पर साफ कर दिया है कि वो इस बार पूरी ताकत से मैदान में है। भले ही लोकसभा में दोनों पार्टियों का गठबंधन था, लेकिन दिल्ली चुनाव में कांग्रेस आप के खिलाफ फ्रंटफुट पर है। अब सवाल यह है कि संदीप दीक्षित अपनी दिवंगत मां की हार का बदला ले पाएंगे या नहीं? अरविंद केजरीवाल ने 2013 में शीला दीक्षित को हराकर राजनीति में एंट्री की थी। इस दौरान उन्होंने शीला दीक्षित के खिलाफ काफी तीखी बयानबाजी और प्रचार किया था। केजरीवाल शीला दीक्षित को भ्रष्टाचारी बताते थे।

संदीप दीक्षित भी अक्सर अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ हमलावर रहते हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन का विरोध किया था। उन्होंने केजरीवाल की वफादारी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यहां तक कहा कि कांग्रेस अपना सम्मान छोड़कर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा था, ‘मेरी कांग्रेस को अब तो कुछ अहसास होगा इस दोगले की वफादारी का। आत्म सम्मान से बड़ी कोई चीज नहीं, और अपने सम्मान को छोड़ हम इसके साथ खड़े हो रहे हैं।’

2013 में नई दिल्ली सीट के नतीजे?
2013 में आम आदमी पार्टी ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। अरविंद केजरीवाल दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सामने नई दिल्ली सीट से मैदान में उतरे। उन्हें कुल 44,269 वोट मिले। वहीं कांग्रेस की शीला दीक्षित को 18,405 वोट मिले। केजरीवाल ने दीक्षित को 25864 वोटों से हराया। 2013 में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। आप ने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई, लेकिन ये ज्यादा दिनों तक चली नहीं। 2015 में दिल्ली में फिर से चुनाव हुए। इस बार आम आदमी पार्टी और मजबूत हो चुकी थी। नई दिल्ली सीट पर फिर केजरीवाल जीते और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटें जीती।

कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने गुरुवार देर शाम अपनी पहली सूची जारी कर दी। इस सूची में पार्टी ने कुल 21 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। नई दिल्ली सीट से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को और बादली विधानसभा सीट से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव को टिकट दिया गया है। इसके अलावा, पटपड़गंज से अनिल चौधरी को टिकट दिया है, जहां उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अवध ओझा से होगा। इनके अलावा नरेला से अरुणा कुमारी, बुरारी से मंगेश त्यागी और आदर्श नगर से शिवानी सिंघल को मैदान में उतारा गया है। सुल्तानपुर माजरा से जय किशन, नांगलोई जाट से रोहित चौधरी, शालीमार बाग से प्रवीण जैन और वजीरपुर से रागिनी नायक को उम्मीदवार बनाया गया है।

सदर बाजार से अनिल भारद्वाज, चांदनी चौक से मुदित अग्रवाल, बल्लीमारान से दिल्ली के पूर्व मंत्री हारून यूसुफ और तिलक नगर से पी.एस. बावा को कांग्रेस ने टिकट दिया है। द्वारका से आदर्श शास्त्री, कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त, छतरपुर से राजिंदर तंवर, अंबेडकर नगर से जय प्रकाश, ग्रेटर कैलाश से गर्वित सिंघवी, सीलमपुर से अब्दुल रहमान और मुस्तफाबाद से अली मेंहदी चुनाव लड़ेंगे।

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