भेल भोपाल।
बिहार सांस्कृतिक परिषद् द्वारा देश के प्रथम राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद जयंती के उपलक्ष्य में देशरत्न के बारे में व्याख्यान एवं लोकनृत्य, पारंपरिक गायन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ सरस्वती मंदिर प्रांगण, बीएचईएल, भोपाल में किए गए।
डॉ राजेन्द्र प्रसाद जयंती समारोह में मुख्य अतिथि संजय सिंह, अपर सचिव, राजस्व विभाग, म.प्र., अध्यक्षता अविनाश चंद्रा, महाप्रबंधक भेल, विशिष्ट अतिथि शशि रंजन प्रसाद पूर्व कार्यपालक निदेशक, बीएचईएल एवं डॉ राजेंद्र प्रसाद जयंती समारोह में देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद एक बहुआयामी व्यक्तित्व पर व्याख्यान अनुराधा शंकर, पूर्व पुलिस महानिदेशक, म. प्र. द्वारा किया गया। उन्होंने डॉ राजेन्द्र प्रसाद के एक बुद्धिमान विद्यार्थी से कुशल राजनेता बनने के सफर को बखूबी सबके सामने रखा। जिनके कॉपी चेक करने वाले ने लिखा कि एग्जामिनी इज बेटर दैन एग्जामिनर.
उन्होंने कहा कि सहजता और विनम्रता की प्रतिमूर्ति डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने अपने हर काम और पद की गरिमा का पालन किया। हिंदू कोड बिल के लिए काम किया। उनका जन्म स्थान आज एक तीर्थ बन चुका है क्योंकि जिसकी कीर्ति होती है वहीं जीवित रहता है। संयोजक सतेन्द्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ गणेशजी एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लोकनृत्यों में कजरी, झिझिया, सामा चकेबा, जट जटिन, सोहर की रंगारंग प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिभागी कलाकारों का सम्मान भी किया गया. कार्यक्रम के बाद बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा के स्वाद का लुफ्त भी उपस्थित लोगों ने लिया। कार्यक्रम में विक्रम सिंह, नीरज सिंह, संजय साह बसंत कुमार, अरुण विश्वकर्मा, सुरुचि कुमार, हरि शंकर प्रसाद, सूर्य कुमार सिंह, रामनंदन सिंह, सीताराम साह, जितेंद्र कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, अनिल कुमार, अरुण शर्मा, कृष्णा कुमार, एसपी सिंह, अनंत साहू, राहुल रंजन, मनोज पाठक, दिनेश सिंह, पृथवीराज सिन्हा, आर के प्रसाद एवं कार्यकर्ताओं ने सहयोग क्या। कार्यक्रम का कुशल संचालन नूपुर शर्मा एवं डॉ संदीप सिंह द्वारा किया गया।
