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महायुति सरकार में फडणवीस का वर्चस्व, अजित पवार-एकनाथ शिंदे के मंत्रियों के लिए निकला एक अहम आदेश

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मुंबई

महायुति सरकार को वापस आए एक महीना हो गया है। मंत्रियों को हिसाब-किताब बांटे जाने के बाद अब सरकार पूरी तरह से काम करने में जुट गई है। राज्य में भले ही महायुति की सरकार है, लेकिन धीरे-धीरे यह साफ होता जा रहा है कि इस सरकार पर पूरा कंट्रोल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ही रहेगा। अगर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार की पार्टी के मंत्री निजी सचिवों की नियुक्ति करना चाहते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री फडणवीस से मंजूरी लेनी होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की मंजूरी के बिना निजी सचिवों की नियुक्ति करने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

क्यों जारी हुआ ऐसा आदेश?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बाद ही मंत्रियों के निजी सचिवों, निजी सहायकों, विशेष कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं। बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के महायुति के मंत्री कार्यालय के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए फडणवीस की अनुमति जरूरी होगी। चर्चा है कि यह आदेश विवादित अधिकारियों को दूर रखने की मंशा से जारी किया गया है।

फडणवीस पहले भी जारी कर चुके हैं ऐसा आदेश
विभागों के बंटवारे के बाद निजी सचिव, निजी सहायक, विशेष कार्यकारी अधिकारी पद के लिए कई अधिकारी और कर्मचारी मैदान में उतर गए थे। मुख्यमंत्री के आदेश के चलते इन सभी को हिदायत दी गई है। 2014 में फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने ऐसा ही आदेश जारी किया था। उस समय भी बीजेपी के मंत्रियों को कार्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति के लिए अनुमति लेने को कहा गया था।

आदेश न मानने पर जारी नहीं होगा वेतन
एकनाथ शिंदे, अजित पवार की ओर से शिवसेना, एनसीपी मंत्रियों के खास सचिवों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी। इस विभाग से सूचियां मुख्यमंत्री कार्यालय तक जाएंगी। उनकी मंजूरी के बाद ही नियुक्तियां की जाएंगी। यदि मुख्यमंत्री की अनुमति के बिना नियुक्ति की जाती है, तो उन कर्मचारियों और अधिकारियों का वेतन रिलीज नहीं किया जाएगा। यह खबर दैनिक लोकसत्ता ने सूत्रों के हवाले से दी है।

मंत्री बोले- अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं मिला
शिवसेना और एनसीपी के कुछ मंत्रियों ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि हम निजी सचिवों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करते समय एकनाथ शिंदे और अजित पवार से मंजूरी लेंगे।

फडणवीस के पास है सबसे अहम गृह विभाग
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विभागों का आवंटन किया था। इसमें सबसे अहम गृह विभाग को अपने पास ही रखा। इसके अलावा फडणवीस ऊर्जा, कानून एवं न्यायपालिका, सामान्य प्रशासन विभाग और सूचना एवं प्रचार विभाग भी संभालेंगे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शहरी विकास, आवास और लोक निर्माण विभाग (सार्वजनिक उद्यम) आवंटित किया गया है। वहीं अजित पवार को वित्त एवं योजना और राज्य उत्पाद शुल्क विभाग मिला है।

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