नई दिल्ली
20 दिसंबर को संपन्न हुए संसद के शीतकालीन सत्र में बाबासाहेब अंबेडकर के अपमान का मुद्दा काफी जोर-शोर से उठा। पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अपनी बात रखी। इसी दौरान संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर पर उनकी टिप्पणी के एक अंश पर बवाल हो गया। विपक्षी इंडिया गठबंधन ने अंबेडकर के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।
उधर बीजेपी ने भी पलटवार किया और कांग्रेस पर ही अंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया। अंबेडकर को लेकर जारी इस विवाद के बीच सी-वोटर का एक सर्वे सामने आया है। इसमें सवाल किया गया कि आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP,BJP, कांग्रेस में सबसे अधिक किसको फायदा होगा।
अंबेडकर विवाद से दिल्ली में किसे फायदा?
अंबेडकर विवाद पर सी-वोटर के सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। दिल्ली के लोग इस मुद्दे पर असमंजस में दिख रहे। सी-वोटर सर्वे के मुताबिक, फरवरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक, 26.5 फीसदी लोगों ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इस विवाद का फायदा मिलेगा।
सी-वोटर सर्वे में कांग्रेस-बीजेपी का हाल जानिए
सी वोटर सर्वे में कांग्रेस को 15.9 फीसदी फायदा का अनुमान जताया गया है। इस सर्वे में बीजेपी को भी 22 फीसदी फायदा का अनुमान है। 25.1 फीसदी ने कहा कि अंबेडकर विवाद का चुनाव में खास असर नहीं होगा। वहीं 10.6 फीसदी लोगों ने कोई जवाब नहीं दिया है। सी-वोटर ने 20 से 21 दिसंबर के बीच 1228 लोगों पर सर्वे किया। फोन पर ये सर्वे किया गया।
दलित वोटों पर सभी दलों की निगाहें
दलित वोटों पर सभी की निगाहें रहती हैं। ऐसे में ये सर्वे बेहद अहम माना जा रहा है। 2025 में दिल्ली और बिहार में चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी की निगाहें फरवरी महीने में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव पर है। दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल लगातार बीजेपी पर बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान का आरोप लगा रहे हैं। यही नहीं दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने खास तौर से दलित छात्रों के लिए डॉ. अंबेडकर स्कॉलरशिप स्कीम लॉन्च किया।
