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हूतियों की फिलिस्तीन-2 मिसाइल से टेंशन में क्यों इजरायल, आयरन डोम से एरो तक सब नाकाम

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सना:

इजरायल इन दिनों यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों से परेशान है। हूतियों की फिलिस्तीन-2 मिसाइल यमन से दागे जाने के बाद कई सौ किलोमीटर दूर स्थित इजरायल में गिर रही हैं और उसे कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम रोक नहीं पा रहा है। हाल में ही हूती विद्रोहियों ने हाइफा में इजरायल के एक बिजली संयंत्र पर मिसाइल हमला करके इजरायली एयर डिफेंस को चुनौती दी है, जिसमें विश्व प्रसिद्ध आयरन डोम से लेकर एरो एयर डिफें सिस्टम तक शामिल हैं। इस हमले में भी फिलिस्तीन-2 मिसाइल का ही इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि हूती विद्रोहियों की फिलिस्तीन-2 मिसाइल कितनी शक्तिशाली है।

फिलिस्तीन-2 मिसाइल की खासियतें जानें
फिलिस्तीन 2 यमन में घरेलू स्तर पर निर्मित एक दो-चरणों वाली ठोस ईंधन मिसाइल है। इसकी अनुमानित सीमा लगभग 2,150 किमी है, फिलिस्तीन 2 को मध्यम दूरी की मिसाइल माना जा सकता है। माना जाता है कि इसका वारहेड पेलोड लगभग 500 किलोग्राम है माना जाता है कि इसकी अधिकतम गति लगभग मैक 16 है और इसमें मनुवर करने की क्षमता है। हूतियों का दावा है कि फिलिस्तीन 2 हाइपरसोनिक मिसाइल है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलिस्तीन 2 इजरायली हवाई सुरक्षा को दरकिनार करने में सक्षम साबित हुआ, जिसे तेल अवीव ने पहले व्यावहारिक रूप से अपराजेय बताया था।

हूतियों ने फिलिस्तीन-2 मिसाइल से कितने हमले किए
31 दिसंबर को हूतियों ने तेल अवीव में बेन गुरियन हवाई अड्डे के खिलाफ फिलिस्तीन 2 मिसाइल हमले का दावा किया था। इसके बाद 28 दिसंबर को, नेगेव क्षेत्र में इजरायल के नेवातिम एयर बेस के खिलाफ फिलिस्तीन 2 मिसाइल हमला किया। 16 दिसंबर को, जाफ़ा के तेल अवीव उपनगर में एक इजरायली सैन्य लक्ष्य को फिलिस्तीन 2 मिसाइल से निशाना बनाया गया। 11 दिसंबर को, हूतियों ने घोषणा की कि उन्होंने फिलिस्तीन 2 मिसाइल का उपयोग करके तेल अवीव में एक इजरायली सैन्य स्थल पर हमला किया।

इजरायल पर हमला क्यों कर रहे हूती
हूती विद्रोहियों को ईरान की प्रॉक्सी मिलिशिया भी कहा जाता है। उन्हें हथियारों समेत हर तरह की सैन्य मदद ईरान से मिलती है। ईरान की गाजा में सक्रिय हमास से दोस्ती है और इजरायल से दुश्मनी। ऐसे में इस्लाम और ईरान के नाम पर हूती विद्रोही भी इजरायल को निशाना बना रहे हैं और उसे अपना दुश्मन मान रहे हैं। हालांकि, हूतियों के प्रभावक्षेत्र यमन में इजरायल का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं है। हूती विद्रोही 7 अक्तूबर 2023 के बाद से ही लाल सागर में इजरायली हितों पर हमले कर रहे हैं।

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