16.8 C
London
Saturday, April 18, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयपहले तड़पा-तड़पाकर महिला को मारा, फिर सूट बनाकर पहनने को उतारी खाल......

पहले तड़पा-तड़पाकर महिला को मारा, फिर सूट बनाकर पहनने को उतारी खाल… सबसे खौफनाक हत्याकांड की कहानी

Published on

नई दिल्ली

जुर्म की एक ऐसी कहानी, जिसमें 23 साल की एक महिला रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। हर तरफ उसे तलाशा गया, लेकिन कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। दो महीने बाद क्षत-विक्षत हालत और अलग-अलग टुकड़ों में उसकी लाश एक नदी में मिली। लगभग दो दशकों तक ये मामला अनसुलझा रहा। लंबी जद्दोजहद के बाद जब इस केस का खुलासा हुआ तो एक ऐसे भयानक हत्याकांड की सच्चाई सामने आई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।

कहानी शुरू होती है नवंबर 1998 से, जब पोलैंड में कटारजीना जोवाडा नाम की इस महिला के पिता की मौत हुई और वह डिप्रेशन में चली गई। मां को बेटी की चिंता हुई और उन्होंने एक मनोचिकित्सक से उसकी काउंसलिंग करानी शुरू कर दी। एक दिन कटारजीना घर से काउंसलिंग के लिए तो निकली, लेकिन लौटकर वापस नहीं आई।

शाम तक इंतजार करने के बाद मां पुलिस के पास पहुंची, लेकिन अफसरों ने रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कटारजीना अपने किसी दोस्त के पास गई होगी, इसलिए वह उसका इंतजार करें। धीरे-धीरे बात को दो महीने बीत गए, लेकिन कटारजीना का कहीं कुछ पता नहीं चला। इसी बीच एक चौंकाने वाली घटना हुई। जनवरी 1999 में विस्तुला नदी में एक बोट चल रही थी कि अचानक उसके नीचे ब्लेड में कुछ फंस गया।

ऑपरेटर ने देखा तो ब्लेड में कोई पीली चीज फंसी थी, जिससे काफी दुर्गंध आ रही थी। उसे हटाने पर पता चला कि वह मानव खाल है, जिसमें अभी भी एक कान जुड़ा हुआ था। वोकल मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फोरेंसिक जांच हुई और खुलासा हुआ कि यह खाल कटारजीना की है। शुरुआत में अटकलें लगाई गईं कि कटारजीना का शरीर किसी बोट के ब्लेड से टकराया होगा, लेकिन जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ी, बेहद भयानक बातें सामने आने लगीं।

किया गया था नुकीली चीजों से टॉर्चर
तफ्तीश में पता चला कि कटारजीना की खाल को कान से कमर तक इस तरह से छीला गया था, जैसे हत्यारा इस खाल को सूट की इस्तेमाल करने वाला था। 14 जनवरी को कटारजीना के शरीर के कुछ और अवशेष इसी नदी में मिले, इनमें उसका दाहिना पैर और जांघ के पीछे का एक हिस्सा शामिल था। हालांकि, उसके शरीर का बाकी हिस्सा कभी नहीं मिला।

कटारजीना का मर्डर केस, ऐसा मामला बन चुका था, जिसमें सुराग के नाम पर कुछ नहीं था। 2012 में व्रोकला मेडिकल यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने उसकी चोटों का एक 3D स्ट्रक्चर बनाया, जिसका रिजल्ट काफी भयावह था। खुलासा हुआ कि कटारजीना को नुकीली चीजों से टॉर्चर किया गया था, जिससे उसकी गर्दन, बगल और कमर में गहरे घाव हो गए थे। चोटों से पता चला कि मौत से पहले उसे असहनीय दर्द दिया गया।

वो सबूत, जिसने सुलझा दी गुत्थी
ऐसे में कुछ पुराने केस खंगाले गए और पता चला कि मई 1999 में व्लादिमीर डब्ल्यू नाम के एक आदमी ने अपने पिता की जान कुछ इसी तरह से ली थी। उसने अपने पिता का सिर काट दिया था और खोपड़ी उतार दी थी। व्लादिमीर को अपने पिता की चेहरे की खाल को मुखौटे के तौर पर पहने हुए भी देखा गया था। अब पुलिस का शक इसी आदमी पर गया, लेकिन कटारजीना के केस में उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं था।

कटारजीना के अवशेषों से मिले डीएनए की भी जांच की गई, लेकिन उसका मिलान किसी भी अपराधी से नहीं हुआ। केस फिर से ठंडे बस्ते में चला गाय। उन्नीस साल बाद, 2017 में ‘आर्काइव X’ नाम की एक कोल्ड-केस यूनिट ने सबूतों की फिर से जांच की। टीम को कटारजीना के अवशेषों पर एक दुर्लभ पौधे के निशान मिले, जिससे ये टीम उस जगह पर पहुंच गई, जहां उसका कत्ल हुआ था।

कैसे मिला कातिल का सुराग
छानबीन हुई तो पुलिस को 52 साल के रॉबर्ट जैंस्जेव्स्की नाम के आदमी के बारे में पता चला। रॉबर्ट, कटारजीना के हत्यारे के मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल में फिट बैठ रहा था। उसका महिलाओं को परेशान करने का इतिहास रहा था। यहां तक कि वह जानवरों को भी चीर देता था। तफ्तीश में पता चला कि उसने क्राको इंस्टीट्यूट ऑफ जूलॉजी में काम करते हुए ये सब सीखा था।

काम के दौरान, एक दिन जब उसने यहां के सभी खरगोशों को मार दिया, तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आसपास के लोगों से पूछताछ हुई तो एक बात और पता चली। रॉबर्ट अक्सर कटारजीना की कब्र पर जाता था। ये सारे सबूत रॉबर्ट को पकड़ने के लिए काफी थे और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

800 से ज्यादा सबूत और उम्रकैद की सजा
फरवरी 2020 में, रॉबर्ट पर मुकदमा चला और अदालत में 800 से ज्यादा सबूत पेश किए गए। पुलिस ने उस पर कटारजीना को टॉर्चर करने और चाकू से हमला कर उसकी जान लेने का आरोप लगाया। कुछ लोगों का मानना था कि वह ‘बफेलो बिल’ से प्रेरित था। बफेलो बिल, ‘द साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स’ फिल्म का एक काल्पनिक सीरियल किलर था, जिसने सूट बनाने के लिए लोगों की हत्या कर उनकी खाल उतार दी थी।

साल 2022 में,रॉबर्ट को क्रूरता के साथ हत्या करने का दोषी पाया गया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। हालांकि, उसके परिजनों ने कहा कि रॉबर्ट बेकसूर है। कटारजीना जोवाडा की हत्या पोलैंड के सबसे भयावह मामलों में से एक है। ये एक ऐसा केस था, जिसमें हुई क्रूरता ने लोगों को हिलाकर रख दिया और इंसाफ के लिए लगभग दो दशक का लंबा इंतजार करना पड़ा।

Latest articles

चाय पीने के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

चाय पीने के तुरंत बाद पानी न पीने की सलाह दी जाती है। इसके...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...