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चीन से पंगा पड़ेगा महंगा! क्या टैरिफ से यू-टर्न मारेंगे डोनाल्ड ट्रंप? दोस्तों को नहीं करेंगे नाराज

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नई दिल्ली:

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने शपथ लेने जा रहे हैं। चुनाव जीतने के बाद वह एक मीटिंग में इस बात पर मुहर लगा चुके हैं कि राष्ट्रपति पद संभालने के बाद चीन समेत कुछ देशों पर टैरिफ लगाएंगे। सबसे ज्यादा चर्चा चीन की है, क्योंकि चीनी कंपनियों के प्रोडक्ट अमेरिका में भरे पड़े हैं। हालांकि ट्रंप पद संभालने के बाद चीन पर टैरिफ लगाने के अपने प्लान से यू-टर्न भी ले सकते हैं।

टैरिफ एक तरह से टैक्स होता है। यानी चीन से जो सामान अमेरिका आएगा, ट्रंप सरकार उस चीनी कंपनी से ज्यादा टैक्स लेगी। इसका असर होगा कि चीनी कंपनी नुकसान की भरपाई के लिए वह सामान अमेरिका में महंगी कीमत पर बेचेगी। इससे चीनी कंपनियों की अमेरिका में बिक्री प्रभावित हो सकती है। ट्रंप चीन पर टैरिफ लगाने की बात इसलिए कह रहे हैं ताकि स्थानीय कंपनियों को बढ़ावा मिले। लेकिन चीन पर टैरिफ लगाने से उनके कुछ खास कारोबारी दोस्तों को नाराजगी हो सकती है। इनमें सबसे करीब एलन मस्क और फिल रफिन हैं।

ट्रंप के कितने गहरे दोस्त हैं मस्क?
एलन मस्क कार निर्माता कंपनी टेस्ला के मालिक हैं। ट्रंप के जीतने के बाद टेस्ला के शेयरों में काफी तेजी आई है। इसके साथ ही मस्क की दौलत भी काफी तेजी से बढ़ी है। वह 400 बिलियन डॉलर से ज्यादा की संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं। एलन मस्क ने ट्रंप को चुनाव जिताने में काफी मेहनत की है। उन्होंने न केवल ट्रंप के लिए प्रचार किया, बल्कि आर्थिक मदद भी की। हालांकि इसका इनाम भी उन्हें मिला है। मस्क को ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

चीन से क्या है मस्क का कनेक्शन?
हाल ही में मस्क की कंपनी टेस्ला ने कार बिक्री में चीन में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। दुनियाभर में जहां टेस्ला की कारों की बिक्री में गिरावट आई तो वहीं चीन में इसमें उछाल आया है। दिसंबर 2024 में टेस्ला कारों की बिक्री एक महीने पहले की तुलना में 12.8 फीसदी बढ़कर 83000 यूनिट पहुंच गई जो एक रेकॉर्ड है। वहीं साल 2024 में टेस्ला ने चीन ग्राहकों को 36.7 फीसदी कारें डिलीवर कीं। ऐसे में टेस्ला के लिए चीन अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है।

रफिन से ट्रंप की कितनी गहरी दोस्ती?
89 साल के रफिन अमेरिकी कारोबारी हैं। वह लास वेगास में ट्रेजर आइलैंड होटल एंड कैसीनो और सर्कस सर्कस होटल एंड कैसीनो के मालिक हैं। इसके अलावा इनका कारोबार ग्रेहाउंड रेसिंग ट्रैक, ऑयल प्रोडक्शन, रियल एस्टेट आदि में भी फैला हुआ है। फोर्ब्स के मुताबिक रफिन की नेटवर्थ 2.7 बिलियन डॉलर है।

रफिन और ट्रंप की भी दोस्ती काफी गहरी है। चुनाव के दौरान रफिन ने ट्रंप के MAGA Inc में 20 लाख डॉलर की रकम निवेश की थी। यहां MAGA से मतलब मेक अमेरिका ग्रेट अगेन है। इसके अलावा रफिन और ट्रंप लंबे समय से बिजनेस पार्टनर भी हैं। ट्रंप इंटरनेशनल होटल में रफिन की पार्टनरशिप है।

रफिन का चीन से क्या है कनेक्शन?
रफिन हार्पर ट्रक्स (Harper Trucks) नाम से एक फैक्टरी के भी मालिक हैं। इनकी यह फैक्टरी सामान उठाकर एक जगह से दूसरी जगह रखने वाले इक्विपमेंट बनाती है। इनका ज्यादातर इस्तेमाल वेयरहाउस आदि जैसी जगहों पर होता है। इनकी यह कंपनी इक्विपमेंट बनाने के लिए चीन से पार्ट्स मंगाती है।

क्या होगा दोस्तों को नुकसान?
अगर ट्रंप चीन पर टैरिफ बढ़ाते हैं तो इसका असर एलन मस्क और फिल रफिन के कारोबार पर दिखाई दे सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि टैरिफ बढ़ने पर चीन भी चुप नहीं बैठेगा। वह भी टैक्स बढ़ा सकता है। साथ ही चीन में काम कर रहीं अमेरिकी कंपनियों पर भी लगाम कसी जा सकती है।

अगर ऐसा होता है तो मस्क की कंपनी टेस्ला को चीन की लोकल कार निर्माता कंपनी BYD से टक्कर मिल सकती है, जो अभी भी चीन में नंबर एक पर है। चीन टेस्ला की कारों में टैक्स बढ़ा सकता है जिसका नुकसान मस्क को होगा। वहीं चीन रफिन की कंपनी को भेजे जाने वाले पार्ट्स की भी कीमत बढ़ा सकता है।

तो क्या करेंगे ट्रंप?
इस बात की संभावना ज्यादा है कि अगर ट्रंप चीन पर टैरिफ बढ़ाते हैं तो चीन भी इसकी प्रतिक्रिया देगा। इसका असर मस्क और रफिन पर काफी पड़ेगा, जो ट्रंप के करीबी दोस्त हैं। ये ट्रंप के इस फैसले से नाराज हो सकते हैं। ऐसे में हो सकता है कि ट्रंप चीन पर कोई टैरिफ ही न लगाएं या इसे टाल दें, ताकि दोस्तों को कोई नुकसान न हो।

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