नई दिल्ली,
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से कुछ घंटे पहले, टीम केजरीवाल ने AAP 2025 कैंपेन सॉन्ग लॉन्च किया. AAP के कैंपेन सॉन्ग ‘फिर लाएंगे केजरीवाल’ के बोल और दृश्य दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से अब तक के सबसे अहम चुनावी युद्ध के लिए AAP की रणनीति को दर्शाते हैं. इसके जरिए ‘राजनीति के केजरीवाल मॉडल’ की उपलब्धियों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की गई है. वहीं, अगले पांच सालों में डिलीवर किए जाने वाले वादों को भी रेखांकित किया गया है.
AAP ने अपना अभियान मुख्य रूप से दिल्ली में 10 साल के शासन या अरविंद केजरीवाल की ‘6 रेवड़ियों’ की उपलब्धियों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा है. सोशल मीडिया कैंपेन से लेकर आउटडोर बिलबोर्ड और घर-घर जाकर लोगों तक पहुंचने के कार्यक्रम तक AAP यह बताने में कभी नहीं चूकती कि AAP सरकार के तहत दिल्ली के लोगों को कैसे मुफ्त बिजली-पानी, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं.
कैंपेन का इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में अपने बुजुर्ग और महिला मतदाताओं को मजबूत करना भी है. इसलिए, AAP लगातार दिल्ली के लोगों को बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थयात्रा कार्यक्रम और दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा के बारे में याद दिला रही है. अगले पांच सालों के लिए मुख्य पेशकश भी महिला मतदाताओं पर ही केंद्रित है.
महिलाओं और बुजुर्गों पर फोकस
AAP ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत महिला मतदाताओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है. साथ ही सत्ता में आने पर निजी और सरकारी सुविधाओं में बुजुर्ग मतदाताओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य सेवा कवर देने की बात भी कही है. दोनों प्रमुख घोषणाएं उन नीतियों का विस्तार हैं, जिनका उद्देश्य मतदाताओं पर अपनी पकड़ मजबूत करना है. वो योजनाएं, जिन्हें लेकर AAP का मानना है कि लोग इनके लिए मतदान कर रहे हैं.
AAP ने अपनी रणीनित में किया बदलाव
ऐसा लगता है कि AAP की प्रचार रणनीति में भी बदलाव किया गया है. दो महीने पहले तक AAP के क्रिएटिव – वीडियो और ग्राफिक्स- यह दावा करते थे कि अगर BJP सत्ता में आई तो वह दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा मॉडल को नष्ट कर देगी और मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी जैसी कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देगी. यह संचार रणनीति में क्लासिक भूल का मामला था. हालांकि, अब AAP ने सकारात्मक अभियान पर ध्यान केंद्रित किया है. दिल्ली के चारों ओर लगे होर्डिंग जिस पर महिला मतदाताओं के लिए 2100 रुपये लिखे हैं और केजरीवाल का मुस्कुराता हुआ चेहरा इस बदलाव का एक उपयुक्त उदाहरण है.
क्यों कठिन मानी जा रही सियासी जंग
2025 की लड़ाई को AAP के लिए सबसे कठिन लड़ाई माना जा रहा है. केजरीवाल तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं. AAP न केवल दिल्ली सरकार में बल्कि शहर के नगर निकाय- MCD में भी सत्ता में है. AAP के कई नेता भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं. दिल्ली आबकारी नीति मामले में उनकी गिरफ्तारी के इर्द-गिर्द आक्रामक अभियान चलाकर BJP ने AAP प्रमुख की ‘कट्टर ईमानदार’ छवि को नुकसान पहुंचाया है.
जमीन पर मुस्तैद हैं AAP के कार्यकर्ता
हालांकि, AAP सांसद संजय सिंह ‘सत्ता विरोधी लहर’ के दावों को खारिज करते हैं. सिंह ने आज तक से कहा कि दिल्ली में सत्ता समर्थक लहर है. सत्ता विरोधी किसी भी तरह की लहर का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली केजरीवाल की गारंटी पर भरोसा करती है. हमारे कार्यकर्ता काफी समय से जमीन पर हैं, यहां तक कि बीजेपी नेताओं के दिखने से भी पहले. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनावी लड़ाई में AAP के लिए कोई चुनौती खड़ी नहीं कर पाएगी.
बिधूड़ी की टिप्पणी को बनाया निशाना
पिछले तीन दिनों से दिल्ली BJP के नेता या तो दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी पर विवादित बयान जारी करने को लेकर सुर्खियों में हैं या फिर केजरीवाल के तत्कालीन बंगले-6 फ्लैगस्टाफ मार्ग को लेकर बहस हवा देने की कोशिश कर रहे हैं. AAP ने बीजेपी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी की आतिशी पर विवादास्पद टिप्पणी को लेकर BJP को सीधे निशाने पर लिया है. AAP प्रमुख केजरीवाल ने BJP को ‘गाली-गलौज’ पार्टी करार दिया है. यह जवाबी हमला पीएम मोदी के AAP पर मौजूदा ‘आप-दा’ कटाक्ष के कुछ दिनों बाद आया है.
संजय सिंह ने गढ़ दिया ये शब्द
इसके अलावा, AAP नेताओं ने BJP को खुली चुनौती दी है कि वह सरकारी बंगले में ‘स्विमिंग पूल और सोने की परत चढ़े शौचालय’ दिखाए, जो करीब 9 साल तक केजरीवाल का घर हुआ करता था. वे पूर्व सीएम के आवास को लेकर बीजेपी के आरोपों को ‘शीशमहल’ और ‘राजमहल’ के बीच बहस में बदलना चाहते हैं. AAP सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री आवास का जिक्र करते हुए यह शब्द गढ़ा है.
BJP के हमले पर ये है प्रतिक्रिया
AAP के एक अंदरूनी सूत्र ने BJP के हालिया हमलों के बारे में बात करते हुए कहा,’हम चाहते हैं कि बीजेपी ऐसे गैर- मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे. यह हमारे लिए फायदेमंद साबित होगा. नेता ने बताया कि कैसे बीजेपी ने बांग्लादेशी-रोहिंग्या प्रवासियों के मुद्दों पर अपनी ऊर्जा बर्बाद की और AAP ने उनका आक्रामक तरीके से मुकाबला करना चुना.’
क्या मानते हैं AAP के रणनीतिकार
AAP के सीनियर नेता ने कहा,’अगर बीजेपी नेता 6 फ्लैगस्टाफ मार्ग बंगले के मुद्दे पर एक और सप्ताह खर्च करती है तो हमें बहुत खुशी होगी. AAP के रणनीतिकारों का मानना है कि AAP कार्यकर्ता दिल्ली के मतदाताओं तक पिछले 10 सालों के काम और महिला सम्मान योजना जैसे नए चुनावी वादों को पहुंचा रहे हैं, लेकिन बीजेपी का ‘शीशमहल’ मुद्दों के प्रति जुनून उनके सकारात्मक अभियान/चुनावी वादों को फैलने के लिए बहुत कम समय देगा.’
