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Friday, June 5, 2026
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AAP कैंडिडेट अवध ओझा के नामांकन को लेकर क्या था पूरा विवाद? समझें

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नई दिल्ली:

यूपीएससी टीचर और युवाओं में लोकप्रिय अवध ओझा ने दिल्ली चुनाव से ठीक पहले सियासी पारी का आगाज किया। उन्हें दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में पटपड़गंज सीट से उम्मीदवार भी बना दिया। हालांकि, उनकी राजनीतिक पारी शुरू होती इससे पहले ही एक टेंशन आ गई। पटपड़गंज विधानसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने, नामांकन करने और वोटर होने को लेकर ही सवाल खड़ा हो गया। हालात ऐसे हो गए खुद आप मुखिया अरविंद केजरीवाल ने मोर्चा संभाला और मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया। हालांकि, अब चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि उनका वोट ट्रांसफर हो जाएगा। इसी के साथ उनके नॉमिनेशन की राह आसान हो गई। जानिए आप कैंडिडेट अवध ओझा से जुड़ा पूरा विवाद।

EC क्यों पहुंचा अवध ओझा का मामला
शिक्षक से नेता बने अवध ओझा के पटपड़गंज विधानसभा सीट से वोटर होने को लेकर सवाल तब खड़ा हो गया, जब उनका वोट दिल्ली ट्रांसफर नहीं हुआ। दरअसल, उनका वोट उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा का बना हुआ है। उन्होंने अपने वोट को ट्रांसफर करने का आवेदन दिया था। हालांकि, चुनाव अधिकारी ने लेटर जारी कर बताया कि वोट ट्रांसफर की डेट निकल चुकी है। ऐसे में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग का रुख किया।

केजरीवाल ने पूरे मामले को उठाया
अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग जाने से पहले बताया कि अवध ओझा पटपड़गंज से हमारे कैंडिडेट हैं। उनका वोट ग्रेटर नोएडा में बना हुआ था। जिसके लिए उन्होंने 26 दिसंबर को फॉर्म 6 भरकर चुनाव आयोग को आवेदन दिया था। उन्हें वहां से कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद किसी ने उनसे कहा कि क्योंकि आपका ग्रेटर नोएडा में वोट बना हुआ है तो आपको फॉर्म 6 नहीं, फॉर्म 8 भरना पड़ेगा। ट्रांसफर के लिए तो उन्होंने 7 जनवरी को फॉर्म 8 भर दिया। कानून के मुताबिक 7 जनवरी फॉर्म 8 भरने की लास्ट डेट थी।

EC ने सुनी बात और दे दिया ग्रीन
केजरीवाल ने आगे कहा कि इलेक्शन कमीशन के मैनुअल यह कहते हैं कि आखिरी डेट ऑफ नॉमिनेशन से 10 दिन पहले तक फॉर्म 6 और फॉर्म 8 भरे जा सकते हैं। 17 जनवरी लास्ट डेट है तो 10 दिन पहले मतलब 7 जनवरी लास्ट डेट थी। उन्होंने लास्ट डेट को फॉर्म 8 भर दिया था। दिल्ली के चुनाव अधिकारी ने एक आदेश निकाला, जिसमें उन्होंने लिखा कि 7 जनवरी लास्ट डेट है। इसके एक दिन बाद दोबारा आदेश निकाला और उसमें कह दिया 6 जनवरी लास्ट डेट है। यह दूसरा ऑर्डर क्यों निकाला गया। यह कानून के खिलाफ है।

अवध ओझा का वोट ग्रेटर नोएडा से दिल्ली होगा ट्रांसफर
इसी के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव आयोग मुख्यालय में चुनाव आयुक्त से मिले। मुलाकात के बाद बाहर निकले अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अवध ओझा नॉमिनेशन कर पाएंगे। आप मुखिया ने कहा कि ये अच्छी खबर है कि चुनाव आयोग ने अवध ओझा के नॉमिनेशन को लेकर उनका नाम वोटर लिस्ट में शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं और उनका वोट दिल्ली में बन जाएगा। वह अपना नॉमिनेशन फाइल कर पाएंगे।

क्या होता है वोट ट्रांसफर?
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होने पर वही व्यक्ति उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन भर सकता है, जो उस राज्य का मतदाता यानी वोटर होता है। इसका मतलब है कि वो उस राज्य में रहा हो। उदाहरण के लिए अगर किसी को दिल्ली की किसी सीट से चुनाव लड़ना है तो उसके लिए उसका वोट दिल्ली में होना जरूरी है। अगर उसके पास उत्तर प्रदेश का वोटर कार्ड है तो फिर वह दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ पाएगा।

अवध ओझा अब कर सकेंगे नामांकन
आप कैंडिडेट अवध ओझा के मामले में यही पेंच फंस गया। दरअसल, उनका वोट ग्रेटर नोएडा में है जो कि उत्तर प्रदेश में आता है। अगर वह दिल्ली ट्रांसफर नहीं होता तो फिर वह दिल्ली विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ पाते। हालांकि, अब उनके वोट ट्रांसफर का फार्म फाइनल हो गया। पटपड़गंज सीट से आप उम्मीदवार अवध ओझा ने भी बताया कि इलेक्शन कमीशन ने मेरी बात सुनी है और आश्वासन दिया कि वह दिल्ली के वोटर हो जाएंगे। ईसी ने कहा है कि मुझे मंगलवार तक आईडी कार्ड मिल जाएगा और इसके बाद मैं 15 जनवरी तक नामांकन दाखिल कर सकता हूं।

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