कोलकाता
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर रेप-हत्यकांड में संजय रॉय दोषी है। कोर्ट ने उसे सोमवार को सजा सुनाई। इस दौरान उसने जज से कहा कि वह निर्दोष है और कोलकाता पुलिस ने उससे जबरन कुबूलनामे पर हस्ताक्षर करवाए। जज ने संजय रॉय से कहा कि तुम दोषी हो.. तुम्हारे खिलाफ रेप और हत्या का आरोप आरोप साबित हो चुका है।
जस्टिस अनिर्बन दास की अदालत में कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर रेप-मर्डर पर संजय रॉय की सजा से पहले बहस हुई। इसमें बचाव पक्ष के वकील ने सीबीआई की फांसी की मांग का विरोध किया। संजय रॉय के वकील बोले कि उसे फांसी के बजाय दूसरी सजा दी जाए।
जज ने संजय रॉय से पूछा सवाल
जज ने पूछा, संभावित सजा पर तुम्हे कुछ कहना है? जज ने संजय रॉय को बताया कि रेप की धारा में तुम्हें आजीवन कारावास मिल सकता है। हत्या के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास दिया जा सकता है और 103 के लिए तुम्हें मृत्युदंड या कारावास दिया जा सकता है।
सीबीआई ने कोर्ट में क्या कहा
सीबीआई के वकील ने एक बार फिर फांसी की सजा की मांग की। सीबीआई ने कहा कि इस कांड से पूरा देश हिल गया था। सजा से समाज में विश्वास आएगा। दोषी को फांसी की सजा मिले। समाज का विश्वास बहाल करना होगा। माता-पिता ने अपनी बच्ची को खो दिया। छात्रा समाज के लिए काफी अहम थी।
सुबह सवा दस बजे जेल से बाहर लाया गया संजय
इससे पहले संजय रॉय को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सजा सुनाने के लिए सोमवार को अदालत लाया गया। रॉय को सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर जेल से बाहर लाया गया और उसे अदालत लाने के दौरान पुलिस की कई गाड़ियां मौजूद रहीं।
कोर्ट के आसपास इलाका छावनी में बदला
सियालदह अदालत में करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हर संभव प्रयास किया। हालांकि अत्यधिक संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद कई लोग अदालत परिसर में उमड़ पड़े और कुछ लोग दोषी को देखने के लिए रेलिंग पर चढ़ने की कोशिश करते देखे गए।
ममता बनर्जी ने क्या कहा
उत्तर बंगाल के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक अदालत अपना फैसला नहीं सुना देती, तब तक वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, ‘मैंने पहले मृत्युदंड का अनुरोध किया था, लेकिन यह न्यायाधीश और मामले को किस तरह से पेश किया गया है, इस पर निर्भर करता है।’
