कीव:
फरवरी 2025 में यूक्रेन युद्ध के तीन साल पूरे हो रहे हैं। अब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा जंग चौथे साल में प्रवेश करने वाला है। लेकिन युद्ध की आग कैसे बुझेगी अभी तक कोई रास्ता नहीं निकल पाया है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यूक्रेन के लिए युद्ध जारी रखना काफी मुश्किल होने वाला है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका के समर्थन के बिना रूस के हमले से बचने की यूक्रेन के पास बहुत कम संभावना है। जेलेंस्की का ये बयान उस वक्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है, कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उन्होंने टेलीफोन पर बात की है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर बात की है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में अमेरिका को लेकर कहा है कि “मैं इस बारे में नहीं सोचना चाहता कि हम रणनीतिक साझेदार नहीं होंगे।” इस दौरान जेलेंस्की ने यह तर्क देने की भी कोशिश की कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पुतिन की दिलचस्पी युद्ध को सिर्फ अस्थाई तौर पर रोकने की है, ताकि रूसी सेना को इस दौरान फिर से संगठित होने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि अस्थाई युद्धविराम कर पुतिन रूस के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाना चाहते हैं, जिससे उन्हें अपनी सेना की तैयारियों को सही करने का मौका मिल सके।
अमेरिका के बिना यूक्रेन का जिंदा रहना मुश्किल- जेलेंस्की
जेलेंस्की ने इंटरव्यू के दौरान कहा है कि अमेरिकी सैन्य समर्थन के बिना यूक्रेन सैन्य रूप से कमजोर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में यूक्रेनी सेना की क्षमता रूस से मुकाबला करने की नहीं होगी। लिहाजा उन्होंने अमेरिकी समर्थन खत्म होने की किसी भी कोशिश पर चिंता जताई है। एनबीसी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा, कि “शायद यह काफी ज्यादा मुश्किल होगा। निश्चित तौर पर हर कठिन परिस्थितियों में आपके पास एक मौका होता है, लेकिन हमारे पास कम संभावना होगी। संयुक्त राज्य अमेरिका के समर्थन के बिना बचने की बहुत कम संभावना होगी।”
डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उस वक्त अपने सहयोगियों को उस वक्त हैरान कर दिया था जब उन्होंने कहा था कि यूक्रेन युद्ध खत्म करने को लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से अलग अलग चर्चा की। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की पुरानी नीति में भी बदलाव लाने की घोषणा की। अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव की घोषणा करते हुए ट्रंप ने जल्द ही पुतिन से मिलकर युद्धविराम वार्ता शुरू करने की बात कही है। डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कीव का नाटो में शामिल होना व्यावहारिक है और यह संभावना नहीं है, कि यूक्रेन को अपनी सारी जमीन वापस मिल जाएगी। लेकिन यूक्रेन ने युद्ध रोकने के लिए रूस से कब्जे वाले इलाके से हटने की मांग की है। यूक्रेन ने कहा है कि मॉस्को को फिर से हमला करने से रोकने के लिए उसे नाटो की सदस्यता या सुरक्षा गारंटी मिलनी चाहिए।
