रियाद
सऊदी अरब के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खराब मौसम का ये दौर गुरुवार 20 फरवरी तक जारी रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में लोगों को भारी बारिश के साथ तेज हवाओं और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। सऊदी के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने यह जानकारी देते हुए अलर्ट जारी किया है। पैगंबर मोहम्मद से जुड़े, मुसलमानों के पवित्र शहर मक्का और मदीना में भी तेज हवाओं, ओलावृष्टि और बाढ़ का अंदेशा है।
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी के मौसम विभाग ने कहा है कि राजधानी रियाद, हाइल, अल कासिम, पूर्वी प्रांत, उत्तरी सीमा, मक्का और मदीना समेत कई इलाकों में अगले तीन तक बारिश होगी। ताइफ, मायसान, अधम, अल अर्दियात, अल मुवैह, खुरमा, रानियाह, तुरुबा, बहरा, अल जुमुम, खुलेस और अल कामिल जैसे इलाके भी इससे प्रभावित होंगे। सऊदी अरब में भारी बारिश के साथ बर्फबारी की भी संभावना है, जिससे तापमान में अचानक भारी गिरावट आ सकती है।
लोगों को घरों में रहने की सलाह
सऊदी के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ तूफान भी उठ सकते हैं। NCM ने जेद्दा, शुऐबा और अल लीथ में 40-49 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे दृश्यता कम हो सकती है और समुद्र में उफान आ सकता है, जिससे समुद्री यातायात प्रभावित हो सकता है। NCM ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी का अपडेट रखें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। खासतौर से घर से बाहर निकलने से पहले मौसम के बारे में जरूर जानें।
मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए विशेष अलर्ट भी जारी किए हैं। NCM ने नागरिकों से सावधानी बरतने, बाढ़ वाले इलाकों से दूर रहने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक सूत्रों से जानकारी लेते रहने का आग्रह किया है। लोगों से निचले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया है। सऊदी के मौसम का लोगों के जनजीवन पर भी असर पड़ा है।
बदल रहा है सऊदी का मौसम!
सऊदी में हो रही बारिश से यातायात और दैनिक जीवन प्रभावित है। बारिश से फसलों को भी नुकसान हो सकता है। सऊदी का मौसम अमूमन कम बारिश के लिए जाना जाता है। हालांकि बीते कुछ समय में सऊदी ने तेज बारिश और बाढ़ का सामना बार-बार किया है। इसे जलवायु परिवर्तन की वजह बदल रहे मौसम का असर माना जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसे कयामत से पहले सऊदी में हरियाली छा जाने की पैगंबर की भविष्यवाणी से भी जोड़ते हैं।
