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तेल, टैरिफ, टेस्ला… भारत के पीछे क्यों पड़े हैं ट्रंप? कहीं अमेरिका के लिए ही भारी न पड़ जाएं फैसले

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नई दिल्ली

पिछले साल नवंबर में जब डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव जीता था, तब लग रहा था कि भारत के लिए सब सही होगा। शपथ ग्रहण तक भी लगभग सब सही रहा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से ट्रंप बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए हैं जो भारत के लिए सही नजर नहीं आ रहे। यही नहीं, उन्होंने भारत का नाम लेकर भी कई अजीब बयान दिए हैं।

रूस के तेल पर लगाई रोक
शपथ लेने के बाद ट्रंप ने रूस की कुछ कंपनियों पर बैन लगा दिया था। इसका उद्देश्य चीन पर रूसी तेल की रोक लगाना था। लेकिन ट्रंप के इस फैसले से भारत पर भी असर पड़ा। भारत अभी तक रूस से सस्ती दर पर तेल खरीद रहा था। लेकिन अमेरिका की ओर से रूस कंपनियों पर बैन लगने के बाद अब भारत को अमेरिका से महंगी कीमत पर तेल खरीदना होगा। सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) ने भी कहा है कि मार्च 2025 से वह रूस से तेल खरीदना कम करने जा रही है।

भारी-भरकम टैरिफ की बात
टैरिफ को लेकर ट्रंप भारत पर कुछ ज्यादा ही सख्त नजर आ रहे हैं। वह भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की बात कह चुके हैं। यह बात उन्होंने उस दिन कही थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर थे और अगले दिन ट्रंप से उनकी मुलाकात होनी थी। हालांकि जानकारों का कहना है कि अमेरिका के इस टैरिफ का भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। वहीं ट्रंप ने कहा है कि वह मेटल पर भी 25 फीसदी टैरिफ लगाएंगे। यह टैरिफ भारत पर भी लगेगा।

टेस्ला को लेकर भी दिखा अलग रुख
अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क की कार कंपनी टेस्ला भारत में एंट्री करने को तैयार है। उन्होंने इसके लिए भारत में भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मस्क भारत में टेस्ला की कार बेचना चाहते हैं, लेकिन ट्रंप ऐसा नहीं चाहते। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि भारत बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है। उन्होंने कहा अगर एलन मस्क भारत में प्लांट लगाते हैं तो यह अमेरिका के साथ बहुत गलत होगा।

फंडिंग पर लगाई रोक
ट्रंप ने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) को बंद करके उसे विदेश मंत्रालय में शामिल करने का ऐलान किया है। इसे बंद करने से भारत के कई कार्यक्रमों को बड़ा झटका लग सकता है। दुनियाभर के 60 से अधिक देशों में USAID के ऑफिस हैं। भारत में USAID के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और कृषि संबंधित कई प्रोजेक्ट के लिए आर्थिक मदद मिलती थी।

अमेरिका पर कितना असर?
ट्रंप ऐसे कई फैसलों का अमेरिका में ही विरोध हो रहा है। काफी जानकारों का कहना है कि ट्रंप के ये फैसले अमेरिका के लिए भारी पड़ सकते हैं। इसमें टैरिफ प्रमुख है। अगर ट्रंप टैरिफ बढ़ाते हैं तो इससे चीजें अमेरिका में महंगी बिकेंगी। ऐसे में अमेरिका को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

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