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Wednesday, April 1, 2026
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बांग्लादेश की कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी और छात्रों के बीच घमासान, हसीना को हटाकर यूनुस के चेलों ने कर दिया खेल

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ढाका

बांग्लादेश की कट्टरपंथी और पाकिस्तान परस्त जमात-ए-इस्लामी और शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले छात्र गुट के बीच घमासान शुरू हो गया है। छात्र आंदोलनकारियों के गुट के अपनी राजनीतिक पार्टी के ऐलान के बाद जमात-ए-इस्लामी तिलमिला गई है। कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी को लग रहा है कि उसे सत्ता से बाहर करने के लिए खेल हो गया है। जमात-ए-इस्लामी की छात्र शाखा छात्र शिबिर और हसीना विरोधी छात्र नेताओं के बीच आंदोलन के क्रेडिट पर जंग छिड़ी है। बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामी छात्र शिबिर के नेता सोशल मीडिया पर दावा कर रहे हैं कि शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले जुलाई आंदोलन में उनकी प्रमुख भूमिका थी।

शिबिर और छात्र नेता आमने-सामने
दूसरी तरफ जुलाई आंदोलन के दौरान भेदभाव विरोधी छात्र मोर्चा के नेता भी सामने आए हैं और कहा है कि शिबिर की कोई प्रमुख भूमिका नहीं थी, बल्कि उसने भी बाकियों की तरह ही आंदोलन में हिस्सा लिया। छात्र शिबिर के कई पूर्व और वर्तमान नेताओं ने फेसबुक पर बताया कि कैसे उन्होंने भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के समन्यवकों को आश्रय प्रदान किया। यही नहीं, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क साधने और विरोध प्रदर्शनों की योजना भी बनाई।

आंदोलन का क्रेडिट लेने की जंग
इसके जवाब में भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के पूर्व कोऑर्डिनेटर अब्दुल कादर ने लिखा कि समन्वयक वे ही लोग थे, जिन्होंने 9 सूत्रीय मांग तैयार की और शिबिर ने केवल उनका प्रसार किया। जुलाई आंदोलन के एक प्रमुख आयोजक और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में युवा और खेल मामलों के सलाहकार आसिफ महमूद भी इस लड़ाई में कूद पड़े।

अंतरिम सरकार के सलाहकार भी कूदे
आसिफ ने फेसबुक पर लिखा, जुलाई विद्रोह के इतिहास को खराब न करो। हम जुलाई विद्रोह के बारे में किसी भी झूठ को बर्दाश्त नहीं करेंगे, जो इस पीढ़ी के खून से हासिल हुआ था। भले ही मैं बाकी सब बातों पर चुप रहूं, लेकिन मैं इस पर चुप नहीं रह सकता। इतिहास को हाईजैक करने का गंदा खेल बंद करो।

सोशल मीडिया पर चल रही खींचतान के बीच शिबिर के अध्यक्ष जाहिदुल इस्लाम ने एक बयान में कहा, ‘सच्चा इतिहास जानना जरूरी है। श्रेय लेकर और तीसरे पक्ष के लिए अवसर पैदा करके राष्ट्रीय एकता को बाधित करने की कोशिश करने वालों को आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी।’ जुलाई आंदोलन के दौरान शिबिर की ढाका विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष और स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन के प्रमुख समन्वयक रहे मोहम्मद अबू शादिक कायम ने लिखा, ‘महत्वपूर्ण कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, सत्ता के केंद्र में कौन होगा, इस पर मौजूदा झगड़ा शहीदों का मजाक उड़ाने जैसा है।’

नई पार्टी के ऐलान से पहले ही मतभेद
ये लड़ाई ऐसे समय में चल रही है जब हसीना विरोधी छात्र आंदोलनकारी इस महीने के अंत तक एक नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करने वाले हैं। इस बीच नई पार्टी के शीर्ष पदों पर कब्जे को लेकर विवाद शुरू हो गया है। अंतरिम सरकार में सलाहकार नाहिद इस्लाम का नई पार्टी का संयोजक बनना लगभग तय है, जबकि सदस्य सचिव पद को लेकर मतभेद की खबरें हैं।

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