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ना कभी ऐसा देखा ना सुना… व्हाइट हाउस में हुई जेलेंस्की-ट्रंप की नोकझोंक की पूरी कहानी

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नई दिल्ली

अमेरिका के इतिहास में शुक्रवार रात कुछ ऐसा हुआ जिसका किसी ने कभी नहीं सोचा था। जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की व्हाइट हाउस आए, उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ तीखी नोकझोंक हुई। ऐसी नोकझोंक व्हाइट हाउस के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। वहां मौजूद मीडियाकर्मियों के मुताबिक वो पूरा वाक्या ही अप्रत्याशित रहा, उस पर विश्वास करना मुश्किल था।

असल में राष्ट्रपति ट्रंप चाहते थे कि हर कीमत पर यूक्रेन अब समझौते के लिए तैयार हो जाए, इसी वजह से जेलेंस्की को बुलाया गया था। लेकिन ट्रंप के साथ जेलेंस्की किसी भी तरह के समझौते को तैयार नहीं दिखे। उनकी तरफ से बातचीत के दौरान फिर पुतिन को हत्यारा तक कहा गया। उनका यह रवैया राष्ट्रपति ट्रंप को आक्रोशित कर गया, इतना ज्यादा कि पहली बार एक विश्व के नेता के सामने दूसरे बड़े नेता ने अपनी आवाज तेज की, आंखे दिखाने का काम किया।

सबसे ज्यादा बवाल उस समय हुआ जब बातचीत सीजफायर को लेकर शुरू हो गई। एक नजर उस बातचीत पर यहां डालें। बीबीसी के मुताबिक ट्रंप और जेलेंस्की की बातचीत कुछ इस प्रकार थी-

ट्रंप: अगर आप चाहते हैं कि सीजफायर हो जाए, मैं बोलूंगा कि आप सीजफायर कीजिए, तभी ये गोलियां चलना बंद होंगी।

जेलेंस्की: मैं तो बिल्कुल चाहता हूं कि युद्ध खत्म हो।

ट्रंप: लेकिन आप कह रहे हैं कि आपको सीजफायर नहीं चाहिए।

जेलेंस्की: मुझे सीजफायर चाहिए, लेकिन कुछ शर्तों के साथ।

ट्रंप: मुझे अच्छा लग रहा है यह बातचीत जिस तरह से आगे बढ़ रही है, अमेरिका के लोगों को भी देखना चाहिए, इसी वजह से मैं इतनी देर से यहां बैठा हूं। जेलेंस्की को हमारा शुक्रगुजार होना चाहिए।

जेलेंस्की: मैं आपका शुक्रगुजार हूं।

ट्रंप: लेकिन आपके लोग अब मारे जा रहे हैं, आपके पास सैनिकों की भारी कमी है।

जेलेंस्की: मुझे इस बात का अहसास है।

ट्रंप: मैं साफ कर दूं, आप यह युद्ध नहीं जीत रहे, आपके पास यह अच्छा मौका है इस सब से बाहर निकालने का, हमारी वजह से है। मुझ से पहले एक बेवकूफ राष्ट्रपति ने आपको काफी सैन्य सहायता दी थी, अगर वो नहीं मिलती आप इस युद्ध में दो हफ्ते नहीं टिक पाते।

जेलेंस्की: पिछले तीन दिनों में पहले पुतिन से भी यही सब सुना है।

ट्रंप: इस तरह से तो बात करना, बिजनेस करना काफी मुश्किल रहने वाला है।

इस पूरी बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की आवाज कई मौकों पर तेज हुई, बड़ी बात यह रही कि अमेरिका के उप राष्ट्रपति वैंस की तरफ से भी हस्तक्षेप किया गया। सारा विवाद इस बात को लेकर रहा कि यूक्रेनी नेता ने एक बार भी शुक्रिया नहीं बोला। पूरी बातचीत यहां पढ़ें-

ट्रंप: आप तीसरा विश्व युद्ध शुरू कर रहे हैं, यह एक तरह का जुआ ही है। आप हमारे देश का भी अपमान कर रहे हैं, जिस देश ने आपकी इतनी मदद की है, आपका सहयोग किया है।

जेलेंस्की: मेरे मन में आपके देश के लिए काफी सम्मान है।

वैंस: क्या एक बार भी आपने शुक्रिया बोला, एक बार भी इस मीटिंग में आपके मुंह से थैंक्यू निकला।

जेलेंस्की: हां, कई बार बोला है।

वैंस: मैं फिर पूछता हूं, क्या आपने एक बार भी शुक्रिया बोला। आपको तो उस अमेरिका की, उस राष्ट्रपति की तारीफ करनी चाहिए जो आपके देश को, आपके लोगों को बचाने की कोशिश कर रहा है।

जेलेंस्की: आपको क्या लगता है, आवाज तेज करने से क्या युद्ध का कोई परिणाम निकल जाएगा।

ट्रंप: मैं साफ कर दूं, आप एक बड़ी मुश्किल में है।

अब यहां तक आते-आते बातचीत काफी तनावपूर्ण हो चुकी थी, जेलेंस्की एक साथ ट्रंप और वैंस दोनों से बहस कर रहे थे। समझौतो तो दूर-दूर तक होता नहीं दिख रहा था, लेकिन बात बिगड़ जरूर रही थी। आगे की बातचीत यहां पढ़ें-

जेलेंस्की: आपको अहसास भी हैं वैंस, यूक्रेन अभी किस समस्या से जूझ रहा है।

वैंस: हां मैंने इस बारे में पढ़ा भी है और देखा भी है।

जेलेंस्की: मैं कहना चाहूंगा, अमेरिका को भी यह युद्ध काफी चुभेगा, उस पर भी इसका असर रहेगा।

ट्रंप: आप हमे ना बताएं, हमे कैसा महसूस होगा, आप उस स्थिति में नहीं कि हमे कुछ भी सिखा सकें। हम बहुत खुश हैं और खुश ही रहेंगे।

वैसे ट्रंप और जेलेंस्की में जितनी बहस हुई, उससे ज्यादा तल्खी वैंन्स के साथ हुई बातचीत में दिखी। हालात यहां तक बिगड़ गए कि जेलेंस्की ने वैंस की समझदारी पर सवाल उठा दिए। बातचीत का वो अंश यहां पढ़ें-

जेलेंस्की: मैंने एक डील साइन की थी, उस वजह से 2019 में सीजफायर हुआ था। कहा गया था कि उस डील को माना जाएगा, लेकिन पुतिन ने वो सीजफायर तोड़ दिया। उसके बाद भी आप (वैंस) उनका बचाव कर रहे हैं। ये कैसी कूटनीति है, क्या बात कर रहे हैं आप।

वैंस: मैं समझता हूं कि ओवल ऑफिस में आकर अमेरिकी मीडिया के सामने इस तरह से बात करना काफी अपमानजनक है।

अब इसी तीखी नोकझोंक के बाद दोनों ट्रंप और जेलेंस्की के रास्ते अलग हो गए थे। पहले तो साथ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी थी, लेकिन इस विवाद के बाद जेलेंस्की को व्हाइट हाउस से जाने के लिए कह दिया गया। बाद में फॉक्स न्यूज से बात करते हुए जेलेंस्की ने दो टूक बोला कि वे माफी नहीं मांगने वाले हैं, उन्होंने कुछ भी गलत नहीं बोला है। दूसरी तरफ ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की सिर्फ युद्ध चाहते हैं। इस समय इस पूरे विवाद से अगर कोई सबसे ज्यादा खुश है तो वो रूस है, सामने से बोला गया है कि यह यूक्रेन के चेहरे पर तमाचा है।

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