कुचामन सिटी/जयपुर
राजस्थान में ब्यावर जिले के बिजयनगर में नाबालिग के साथ रेप,धर्मांतरण और लव जिहाद के चर्चित मामले से बवाल मचा हुआ है। इस बीच जयपुर के हवा महल विधायक और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता बाल मुकुंद आचार्य का बड़ा बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि माता-बहनों के साथ रेप और छेड़खानी करने वाली घटनाओं को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अगर बुलडोजर चलाने की जरूरत भी पड़ी, तो बुलडोजर भी चलाया जाएगा। विधायक बालमुकुंद आचार्य कुचामन सिटी में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
अपराधियों पर बुलडोजर चलना पड़ा, तो वह भी चलाएंगे
कुचामन सिटी में मीडिया से बातचीत के दौरान बिजयनगरके कांड को लेकर विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गहरा रोष जताया। उन्होंने जिहादी, लव जिहाद और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों लोगों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर यदि बुलडोजर चलाने की आवश्यकता पड़ी, तो वहां बुलडोजर भी चला जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे दुष्कृत्य करने वाले लोगों के परिवारजन, जो उनका सहयोग करते हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने में सरकार पीछे नहीं रहेगी।
बीजेपी राज मेें माताओं और बहनों के प्रति अपराध घटे
इस दौरान विधायक ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार बनने के बाद अब प्रदेश में माता बहनों के साथ रेप और छेड़खानी के मामले में भी काफी कमी आई है। पुलिस और अन्य संबंधित टीमें सक्रिय हुई हैं। जिससे अपराधों में कमी आई है। विधायक बाल मुकुंद आचार्य ने कहा कि पहले रोजाना औसतन 23 दुष्कर्म के मामले सामने आते थे, लेकिन अब इन अपराधों पर नियंत्रण पाया गया है। विधायक ने कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में राजस्थान में साइबर क्राइम, माफियाओं की गतिविधियां, वसूली और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है।
विधायक का बयान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण आया विवादों में
इधर, भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य के बुलडोजर वाले बयान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण विवादों में आ गया है। बीते दिनों बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई को मनमानी कार्रवाई बताया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने देश की सरकारों को निर्देश दिए कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना मनमानी बुलडोजर नहीं की जा सकती। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई को असंवैधानिक और अराजकता करार दिया। बता दें कि यह आदेश जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने बुलडोजर कार्रवाई के विरुद्ध दाखिल जमीयत उलमा ए हिंद व अन्य की याचिकाओं पर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि हमारे संविधान में इस निरंकुश और मनमानी कार्यवाही का कोई स्थान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों की बुलडोजर कार्रवाई को असवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगा दी।
