जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वन एवं पर्यावरण विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून सीजन के लिए 10 करोड़ पौधारोपण का महा-लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से इस अभियान की शुरुआत कर जुलाई से सितंबर के बीच इसे पूरी गति प्रदान की जाए। नमो नर्सरी और चंदन वन पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘नमो नर्सरी’ और प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध तरीके से ‘नमो वन’ विकसित करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, उदयपुर, सिरोही और बांसवाड़ा जैसे क्षेत्रों में ‘चंदन वन’ की स्थापना के लिए चिन्हित स्थानों पर तारबंदी और ड्रिप सिंचाई जैसी व्यवस्थाएं जल्द पूर्ण करने को कहा है। पहाड़ी और दुर्गम वन क्षेत्रों में बीज बोने के लिए ड्रोन सीडिंग (Drone Seeding) तकनीक का उपयोग करने पर भी बल दिया गया।
गूलर और फलदार पौधों को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत गूलर के वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने और किसानों को उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से निःशुल्क फलदार पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे परिसंपत्तियों, प्रमुख सड़कों के किनारों और चारागाह भूमि पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण की कार्ययोजना बनाई जाए। इस कार्य में राजस्व विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधों का संकल्प उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से 2028 तक कुल 50 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में भी लक्ष्य से अधिक सफलता मिली है; जहां 2024 में 7 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 7.22 करोड़ और 2025 में 10 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 11.74 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस पूरे अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं ताकि राजस्थान का कोना-कोना हरियाली से सराबोर हो सके।
