मोगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को मोगा में आयोजित एक विशाल रैली के जरिए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और किसानों के हित में कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि गेहूं की खरीद में आढ़तियों की हड़ताल से किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार सहकारी समितियों के माध्यम से गेहूं की खरीद सुनिश्चित करेगी।
13 अप्रैल से लागू होगी ’30 दिन तकसीम’ योजना
रैली को संबोधित करते हुए सीएम मान ने भूमि विवादों को सुलझाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आगामी 13 अप्रैल से राज्य में ’30 दिन तकसीम’ योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत किसानों की जमीन के बंटवारे से संबंधित आवेदनों का निपटारा महज 30 दिनों के भीतर किया जाएगा, जिससे वर्षों से लंबित पड़े विवाद खत्म होंगे।
विपक्ष पर तंज: “ओवरकोट पहनने वाले नहीं समझेंगे किसानों का दर्द”
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के नेताओं को जमीनी हकीकत से दूर बताते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “ओवरकोट या टाइट पजामा” पहनने वाले लोग आधी रात को खेतों में पानी लगाने वाले किसान की पीड़ा नहीं समझ सकते। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकारी योजनाओं के लिए अब फिंगरप्रिंट की अनिवार्यता खत्म की जाएगी, क्योंकि कड़ी मेहनत करने वाले मजदूरों और किसानों के हाथों के निशान अक्सर मिट जाते हैं।
2027 की तैयारी और उपलब्धियों का हिसाब
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए हुंकार भरते हुए भगवंत मान ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65 हजार सरकारी नौकरियां और नहर के पानी के उपयोग को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 78 प्रतिशत करने जैसी उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों से लगने वाली आग को रोकने के लिए अब अंडरग्राउंड वायरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
